राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि मामले की सुनवाई टली, अब 27 मार्च को होगी सुनवाई

सुलतानपुर। उत्तर प्रदेश के जिला सुलतानपुर कोर्ट में रायबरेली सांसद राहुल गांधी पर चल रहे मानहानि के मुकदमे में अब 27 मार्च को सुनवाई होगी। वादी मुकदमा भाजपा नेता विजय मिश्रा के गैर हाजिर होने के कारण सुनवाई टल गई है।
वादी के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने सोमवार को बताया कि उन्होंने पिछली पेशी पर अदालत में एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें मांग की गई है कि राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों के जो ऑडियो और वीडियो साक्ष्य पेश किए गए हैं, उनका मिलान राहुल गांधी की असली आवाज से कराया जाए। विजय मिश्रा की अनुपस्थिति के कारण कोर्ट ने 27 मार्च को बहस की तिथि तय की है। यह मानहानि का परिवाद भाजपा नेता विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ दायर किया है। उनका आरोप है कि 2018 में कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर अभद्र टिप्पणी की थी। यह अदालती कार्यवाही पिछले पांच साल से चल रही है।
दिसंबर 2023 में राहुल गांधी के पेश न होने पर तत्कालीन मजिस्ट्रेट ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी। इसके बाद की तिथि में राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते हुए स्वयं काे निर्दोष बताया था और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। उनके बयान के बाद कोर्ट ने वादी को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था।
परिवादी विजय कुमार मिश्र और साक्षी अनिल कुमार मिश्र व रामचंदर दूबे के बयान और जिरह समाप्त होने के बाद राहुल गांधी का आरोपित बयान भी हाल ही में 20 फरवरी को दर्ज किया गया था। बचाव का साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर उन्हें अंतिम बहस के लिए पेशी दी गई थी।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां