रायबरेली का BA छात्र बना संन्यासी, घर से भागकर माघ मेले में ली दीक्षा..परिजनों के उड़े होश
रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां स्नातक (BA) की पढ़ाई कर रहा एक होनहार छात्र अचानक घर छोड़कर प्रयागराज के माघ मेले पहुंच गया और वहां संन्यास की दीक्षा ले ली। इस घटना ने परिवार और पुलिस प्रशासन दोनों को हैरान कर दिया है।
21 वर्षीय छात्र रायबरेली के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में बीए (BA) अंतिम वर्ष का छात्र है। वह पिछले कई दिनों से बिना बताए घर से लापता था। परिजनों ने रायबरेली के स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस और घरवाले उसकी तलाश में जुटे थे, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा था। पुलिस को सर्विलांस और मुखबिरों के जरिए सूचना मिली कि छात्र प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में किसी अखाड़े या शिविर में देखा गया है। जब परिजन पुलिस के साथ संगम तट पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि छात्र ने अपना मुंडन करा लिया था और गेरुआ वस्त्र धारण कर संन्यासी बन गया था। उसने एक संत से दीक्षा भी ले ली थी।
जब परिजनों और पुलिस ने उसे वापस घर चलने के लिए मनाया, तो छात्र ने भावुक होकर कहा "मेरा मन अब पढ़ाई या सांसारिक कार्यों में नहीं लगता। मुझे आत्मिक शांति की तलाश थी, जो मुझे यहां संतों के सानिध्य में मिली है। मैं अब अपना जीवन ईश्वर की सेवा और साधना में बिताना चाहता हूं।"
ये भी पढ़ें सहारनपुर में बेटे की संदिग्ध मौत पर पिता का गंभीर आरोप, दो दोस्तों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्जपुलिस और परिजनों ने घंटों तक छात्र की काउंसलिंग की। उसे समझाया गया कि वह पहले अपनी पढ़ाई पूरी कर ले, उसके बाद भी वह अध्यात्म का रास्ता चुन सकता है।
मां के आंसुओं और पिता की गुहार के बाद छात्र अंततः एक बार घर चलने के लिए राजी हो गया, हालांकि उसका कहना था कि वह मानसिक रूप से अब संन्यासी ही रहेगा।
प्रयागराज पुलिस ने बताया कि माघ मेले में हर साल ऐसे कई युवा पहुंचते हैं, जो पारिवारिक कलह या वैराग्य की भावना के कारण घर छोड़ देते हैं। पुलिस ऐसे मामलों में परिजनों की पूरी मदद करती है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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