याेगी का आचरण हिंदुत्व के विपरीत, गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा अभी तक क्याें नहीं दिया: अविमुक्तेश्वरानंद
उन्नाव। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ पर बार फिर करारा प्रहार किया है। शंकराचार्य ने कहा कि पता चल रहा है कि उनके आचरण हिंदुत्व के विपरीत हैं। गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा अभी तक क्याें नहीं दिया गया।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का रविवार काे यहां पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला के नेतृत्व में शहर के एक गेस्ट हाउस में स्वागत अभिनंदन किया गया। शंकराचार्य के मंच पर पहुंचने पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उन्हें आसन ग्रहण कराया गया। इस माैके पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए गौराष्ट्र धर्म युद्ध यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। गाै माता काे राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार काे 40 दिन का समय दिया गया था, जिसमें से आज तक 38 दिन गुजर गए हैं,लेकिन गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दिए जाने की कोई भी प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
इसके लिए 11 मार्च को लखनऊ से धर्म युद्ध का शंखनाद होगा। मुख्यमंत्री योगी पर प्रहार करते हुए अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि पता चल रहा है कि उनके आचरण हिंदुत्व के विपरीत हैं। क्या एक हिंदू को हिंदुत्व के बारे में सवाल पूछने का अधिकार नहीं है। अगर उनका जीवन निजी होता तो हम बिल्कुल सवाल नहीं पूछते? उनका जीवन सार्वजनिक है, वह हमारा वोट लेते हैं, हमारा वोट लेकर वह मुख्यमंत्री बने हैं। पब्लिक के प्रति जवाबदेह होना पड़ता है। उन्हाेंने कहा कि हिंदुत्व के बारे में हमारे मन में शंका आई तो हम किससे पूछेंगे, इसके बारे में शंका है? उसी से पूछेंगे। हमने ईमानदारी से उनसे अपना प्रश्न रखा है।
शंकराचार्य ने यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर हुए हमले को लेकर शंकराचार्य ने दो टूक कहा कि उन पर जो हमला हुआ है, वह किसी ने नहीं देखा है। जिस तरीके से उन्होंने अपने साथ घटना को बताया है, उसमें शंकाएं हैं। जो शातिर अपराधी होता है। वह कभी-कभी खुद अपने ऊपर हमला कराता है और सामने प्रदर्शित करता है। अगर उन पर हमला हुआ है तो यह बहुत अच्छा नहीं है। किसी को भी इस तरह का आचरण नहीं करना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि सरकार उनको सुरक्षा दें। हमारे विरुद्ध न्यायालय में जो वह प्रमाण देने जा रहे थे, वह जरूर न्यायालय को दें। योगी आदित्यनाथ के लिए हमने 40 दिन की डेडलाइन तय की थी। हम लोगों ने गौ माता रक्षा के आंदाेलन काे धर्म युद्ध की संज्ञा दे दी है। 78 साल बीत गए हैं किसी ने कुछ नहीं किया। इसलिए हमें अब धर्म युद्ध का आरंभ करना पड़ रहा है। हम लखनऊ की तरफ कूच कर चुके हैं।
उन्हाेंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि समाज में कुछ कालनेमी आ गए, लेकिन उन्होंने नाम नहीं बताया। यह चिंता जरूर है कि अगर हमारे समाज में छद्म वेशधारी कालनेमि प्रकृति के लोग आ गए हैं तो उनकी पहचान होना और उनको समाज से बाहर करना ज़रूरी है। इसके लिए टेस्ट किया जाना चाहिए कि कौन असली है और कौन कालनेमि नकली है। अंदर से राक्षस है, बाहर से अपने आपको साधु दिखा रहा है। हम लोग भी इसी तरह का अनुभव कर रहे थे। ऐसे में अच्छा मौका है कि अब इस बारे में टेस्टिंग होना चाहिए। फिर ये हुआ कि किसकी टेस्टिंग सबसे पहले की जाए। तो यह हुआ कि उत्तर प्रदेश में जो सबसे बड़ा हिंदू होने का दावा करे। स्वामी शंकराचार्य ने कहा कि देखा गया कि सबसे बड़ा हिंदू आदित्यनाथजी हैं क्याेंकि वे शंकराचार्य से भी उनके शंकराचार्य होने का प्रमाण पूछ रहे थे, इससे बड़ा कौन हिंदू हो सकता है। तो हम लोगों ने सोचा पहले इनसे ही शुरू करते हैं और उनको कसाैटी पर कसना शुरू किया तो उनके वे चेहरे देखा, ताे गेरुआ कपड़ा में कोई संन्यासी। जब आचरण को देखा तो पता चला कि वह तो वेतनभोगी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार से वेतन व भत्ता लेते हैं। शंकराचार्य ने कहा कि कोई संन्यासी वेतन और भत्ता लेकर काम नहीं करता। हमारे शास्त्रों में भी नियम है कि जो संन्यासी हो गया, वह वेतनभोगी कर्मचारी नहीं हो सकता।
उन्हाेंने कहा कि करोड़ों पशुओं को मार करके उनका मांस बेचने का कारोबार हाे रहा है। यह काम भी काेई संन्यासी योगी नहीं करता। तो फिर शंका हुई मन में कि यह असली संन्यासी है कि असली हिंदू है कि नकली हिंदू। इस लिए हम लाेगाें ने उनसे 40 दिन में उत्तर मांगा कि आप असली संन्यासी है कि नकली, असली हिंदू है कि नकली। उन्हाेंने कहा कि नकली का भेद समाज को पता चलना चाहिए।
शंकराचार्य ने कहा कि हम लोगों के अध्ययन में यह निकल करके आया कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है, जिसमें निरंतर देसी गाै माता की संख्या घट रही है। पिछली पशु गणना के अनुसार 2012 से लेकर अभी तक कि लगभग 18 से 19 लाख गायें कम हो गई है। तो यह गाय कम क्यों हो रही है यह बड़ा प्रश्न है। उन्हाेंने कहा कि बीफ का एक्सपोर्ट बढ़ता ही जा रहा है। यही नहीं बीफ निर्यातकाें से मोटा चंदा भी भारतीय जनता पार्टी को मिल रहा है।
इससे पहले कार्यक्रम के आयोजक बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतीश शुक्ला ने मखाने की माला और अंगवस्त्र भेंट कर शंकराचार्य काे सम्मानित किया। इस माैके पर सुंदर लाल लोधी पूर्व विधायक, केशव प्रशाद अवस्थी, अरविंद दीक्षित, विष्णु प्रकाश बाजपेयी, राजेंद्र बाजपेयी, जयचंद्र विमल, आकाश अवस्थी, त्रिभुवन सिंह चंदेल, रजनीश चंदेल, बाल मुकुंद दुबे, धर्मेंद्र मिश्रा, आकाश अवस्थी, प्रिंस तिवारी, शिखा मिश्रा, महक यादव, मनोज अवस्थी, शिवांगी शुक्ला, उमेश यादव सहित बड़ी संख्या में लोग माैजूद रहे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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