पीलीभीत: करणी सेना के जिलाध्यक्ष पर जानलेवा हमला, पीट-पीटकर अधमरा करने के बाद खेत में फेंका
पीलीभीत। पीलीभीत में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने करणी सेना के जिलाध्यक्ष रविंद्र ठाकुर पर शनिवार देर रात जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने उन्हें लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटने के बाद तमंचे की बट से प्रहार कर लहूलुहान कर दिया और मरा हुआ समझकर गन्ने के खेत में फेंक कर फरार हो गए।
रेलवे क्रॉसिंग के पास घेराबंदी
बट से फोड़ा सिर, दी जान से मारने की धमकी
रविंद्र ठाकुर ने अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में अपनी आपबीती सुनाई है। उन्होंने बताया:
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हमलावरों ने उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसे और डंडों से पीटा।
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आरोपी ताबिज ने पिस्टल निकालकर उनके सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे उनका सिर फट गया।
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आरोपियों ने धमकी दी कि यदि पुराने मुकदमे वापस नहीं लिए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
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राहगीरों और डायल-112 की सक्रियता के कारण उनकी जान बच सकी।
पुलिस पर गंभीर आरोप: "सब्जी-मिठाई में बिके अफसर"
रविंद्र ठाकुर ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वे पिछले तीन दिनों से अपनी जान को खतरा बता रहे थे, लेकिन पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि:
"मुश्ताक गैंग के लोग इंस्पेक्टर और दरोगाओं के घर सब्जी-मिठाई पहुंचाते हैं, इसलिए पुलिस मेरी नहीं सुन रही है। यदि आरोपियों की सीडीआर निकाली जाए तो पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी।"
व्यापारिक रंजिश और वर्चस्व की जंग
बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ फल मंडी का व्यापार है। रविंद्र फल व्यापारी हैं और उनका आरोप है कि मंडी में मुश्ताक गैंग का एकाधिकार है। रविंद्र की व्यापारिक तरक्की से चिढ़कर आरोपियों ने पहले उन पर रंगदारी का 'फर्जी' मुकदमा दर्ज कराया और अब जान लेने की कोशिश की।
पुलिस का पक्ष
सुनगढ़ी थाना अध्यक्ष नरेश त्यागी ने बताया कि मामला संज्ञान में है और रविंद्र ठाकुर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर जांच कर रही है। दोनों पक्षों के पुराने विवादों और रंजिश के एंगल से मामले की पड़ताल की जा रही है।
