कौशांबी: जिसकी हत्या के आरोप में पति गया जेल, वह प्रेमी के साथ हरियाणा में मिली जिंदा

कौशांबी। उत्तर प्रदेश के कौशांबी जनपद से रिश्तों के धोखे और साजिश की एक ऐसी सनसनीखेज कहानी सामने आई है, जिसने पुलिस और कानून व्यवस्था को भी हैरान कर दिया है। जिस पत्नी की 'हत्या' और शव गायब करने के आरोप में पति पिछले एक महीने से जेल की सलाखों के पीछे सजा काट रहा था, वह अपने मौसेरे भाई (प्रेमी) के साथ हरियाणा में सुरक्षित और जिंदा बरामद हुई है। इस खुलासे के बाद कोर्ट ने निर्दोष पति को रिहा करने के आदेश दिए हैं।
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मामला महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव का है। ग्रामीण योगेंद्र तिवारी ने बताया कि उनके बेटे राजू तिवारी की शादी साल 2016 में अंकिता के साथ हुई थी। परिजनों के मुताबिक, अंकिता का अपने ही मौसेरे भाई रामू उर्फ संकल्प मिश्रा के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। पंचायत के हस्तक्षेप के बाद वह घर तो लौट आई थी, लेकिन उसने अपना व्यवहार नहीं बदला। 21 जनवरी 2026 को वह घर से नकदी और जेवर लेकर अचानक गायब हो गई, जिसके बाद पति राजू ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
मायके वालों ने रची 'ऑनर किलिंग' की झूठी कहानी
गुमशुदगी के ठीक एक महीने बाद, 20 फरवरी 2026 को अंकिता के मायके वालों ने साजिश के तहत ससुराल पक्ष पर हत्या कर शव गायब करने का गंभीर आरोप मढ़ दिया। पुलिस के दबाव और गिरफ्तारी के डर से राजू तिवारी ने 27 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। बेगुनाह ससुराल वाले डर के मारे घर छोड़कर भागते रहे, जबकि अंकिता हरियाणा में अपने प्रेमी के साथ किराए के मकान में रह रही थी।
पुलिस ने हरियाणा से किया बरामद, पिता-भाई गिरफ्तार
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि तकनीकी जांच और मुखबिरों की सूचना पर पुलिस टीम ने हरियाणा में छापेमारी कर अंकिता को उसके प्रेमी रामू मिश्रा के साथ बरामद कर लिया। महिला के जिंदा मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए निर्दोष पति राजू की रिहाई की प्रक्रिया शुरू की। वहीं, झूठा मुकदमा दर्ज कराने और साजिश रचने के आरोप में पुलिस ने अंकिता के पिता शारदा प्रसाद और भाई गोपाल मिश्रा सहित 4 लोगों पर केस दर्ज किया है। पुलिस ने पिता और भाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
इस घटना ने एक बार फिर जांच एजेंसियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे झूठे आरोपों के सहारे बेगुनाह लोगों को कानून के शिकंजे में फंसाया जा सकता है। फिलहाल, राजू तिवारी को जेल से रिहा कर दिया गया है और पुलिस मामले की वैधानिक जांच को आगे बढ़ा रही है।
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