योगी सरकार का 'ऑपरेशन क्लीन': पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की कालाबाजारी पर सर्जिकल स्ट्राइक, प्रदेश भर में अब तक 12,732 ठिकानों पर छापे
नियमों का उल्लंघन करने वाले 25 एलपीजी वितरकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शासन ने 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले 12 दिनों के भीतर पूरे प्रदेश में रिकॉर्ड 12,732 निरीक्षण किए गए हैं, जिससे अवैध धंधा करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
सरकार की इस घेराबंदी का असर धरातल पर दिखने लगा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले 25 एलपीजी वितरकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अतिरिक्त, कालाबाजारी में संलिप्त 152 अन्य व्यक्तियों पर भी मुकदमे दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने अब तक इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि 185 लोगों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया जारी है।
निर्बाध आपूर्ति के लिए बहुस्तरीय किलेबंदी
मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए इंतजार न करना पड़े, इसके लिए प्रदेश के 4,108 एलपीजी वितरकों की सीधी निगरानी की जा रही है। केंद्र सरकार के सहयोग से वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के लिए 20% अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी मिल गई है। राजधानी लखनऊ में खाद्यायुक्त कार्यालय के भीतर एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो सातों दिन 24 घंटे काम कर रहा है।
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सिर्फ फाइलों पर ही नहीं, बल्कि जमीन पर भी अधिकारी सक्रिय नजर आ रहे हैं। सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) और स्थानीय प्रशासन की टीमें पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण कर रही हैं। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी भी स्तर पर कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिश की गई, तो संबंधित के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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