जल्द लॉन्च होगी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना, फाइनल ईयर की मेधावी बेटियों को मिलेगा लाभ
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में आए परिवर्तन के पांच मुख्य कारण हैं। सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी के पांच टी (ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी, ट्रस्ट, ट्रांसफॉर्मेशन) विजन को ध्यान में रखकर काम किया। जब ट्रेडिशन, टेक्नोलॉजी, ट्रांसपेरेंसी व ट्रस्ट मिलते हैं तो ट्रांसफॉर्मेशन होता है। हमने भारत की परंपरा और विरासत का सम्मान किया, इससे विकास अपना रास्ता तय कर लेता है। हम इसे टेक्नोलॉजी से जोड़कर और आसान करते हैं। ट्रांसपेरेंसी से ही आमजन में विश्वास की भावना पैदा होती है और यही विश्वास परिवर्तन का कारण बनता है। यूपी इसी 5-टी का मॉडल बना है।
ये भी पढ़ें ग्लोबल जीडीपी में भारत का दबदबा: चीन ने माना- दुनिया के विकास में 50% हिस्सेदारी देंगे दोनों देशमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया और पिंक रोजगार महाकुंभ-2026 (रोजगार मेले) का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी व श्रम विभाग की लघु फिल्म का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए सभी लाभार्थी व सम्मानित होने वाली महिलाओं को शुभकामनाएं दीं।
बेटी किसी पर निर्भऱ नहीं होगी सीएम योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की संपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि बेटी किसी पर निर्भर नहीं रहेगी। उसके जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए 25 हजार रुपये का पैकेज सरकार अलग-अलग श्रेणी में देगी। वर्तमान में यूपी में 27 लाख बेटियां इसका लाभ प्राप्त कर रही हैं। जब हमने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना लागू की तो समाजवादी पार्टी ने बहुत विरोध किया और कहा कि 35000 रुपये देकर गरीबों का अपमान करना चाहते हैं, लेकिन शादी योग्य बेटी के लिए अभिभावक को पैसे की चिंता नहीं करनी है। सरकार शादी संपन्न कराने के लिए अब एक लाख रुपये खर्च कर रही है। अब तक चार लाख से अधिक बेटियों की शादी संपन्न कराने में सरकार ने योगदान दिया है। बेटी के लिए बहुत जल्द लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लॉन्च करने वाले हैं। इसके पहले चरण में स्नातक व परा-स्नातक के फाइनल ईयर की मेधावी बेटियों को लाभान्वित करेंगे। दूसरे चरण में धीरे-धीरे अन्य को भी इसका लाभ मिलेगा।
यूपीएससी में भी बेटियों का दबदबा
सीएम ने यूपीएससी के रिजल्ट का जिक्र करते हुए कहा कि यूपी की अनेक बेटियों ने इसमें सम्मानजनक स्थान प्राप्त किया है। मानसी, अदिति, तनिशा आदि बेटियों ने स्थान प्राप्त किया है। टॉप टेन में तीन महिलाएं हैं। पूरी सूची में भी बेटियों का दबदबा है। प्रदेश में जैसे-जैसे महिला कार्यबल बढ़ रहा है, गांव से आने वाली बेटियों को शहर में काम मिल रहा है। ऐसे में सरकार ने तय किया है कि विभिन्न जनपदों में वर्किंग वूमेन हॉस्टल देंगे। हर हॉस्टल की क्षमता 500 की होगी। वाराणसी, मेरठ, प्रयागराज, गोरखपुर, कानपुर, झांसी व आगरा में ये निर्माणाधीन हैं। इस बार के बजट में अयोध्या, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़, मीरजापुर में भी धनराशि की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, अनिल राजभर, राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला, मनोहर लाल ‘मन्नू कोरी’, उप्र महिला कल्याण निगम की अध्यक्ष कमलावती सिंह, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, चारू चौधरी आदि उपस्थित रहीं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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