लखनऊ में कॉलेज की 9वीं मंजिल से गिरकर MBBS छात्रा की मौत, हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
लखनऊ। जिले के सरोजनी इलाके में एक MBBS छात्रा की 9वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। काफी देर बाद तक भी शव कॉलेज परिसर में पड़ा रहा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दरअसल मामला सरोजनी नगर […]
लखनऊ। जिले के सरोजनी इलाके में एक MBBS छात्रा की 9वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया। काफी देर बाद तक भी शव कॉलेज परिसर में पड़ा रहा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
दरअसल मामला सरोजनी नगर इलाके में स्थित टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज का है। जहां कुछ दिनों से डिप्रेशन में चल रही छात्रा की 9वीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। छात्रा टीएस मिश्रा मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रही थी। छात्रा पटना की रहने वाली थी, जिसकी मौत की सूचना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। सूचना मिलते ही सरोजनीनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया है। छात्रा के हॉस्टल के रूम को सील कर दिया है। पटना से परिवार के लोगों के लखनऊ आने के बाद रूम की तलाशी ली जाएगी। वहीं, उसके साथियों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, छात्रा के कमरे को फौरी तौर पर देखने में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसका सामान, मोबाइल और दूसरी चीजों को कमरे में ही बंद करा दिया गया है। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक छात्रा के डिप्रेशन में होने की जानकारी मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मौजूद रहने वाले डॉक्टरों से मिली है।
हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस
इस मामले में पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा। रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। फोरेंसिक टीम ने जांच की है। सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने बताया कि मृतका का नाम मृणाल सिंह था। वह एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट थी। मूल रूप से पटना की रहने वाली थी। उसके पिता कौशल कुमार को सूचना भेजी गई है।
कॉलेज प्रबंधन के मुताबिक, छात्रा पटना के एनसी अशोक राजपथ के कैप्टल कोचिंग की रहने वाली थी। शुक्रवार सुबह 9.45 बजे अन्य छात्रों ने मृणाल को कैम्पस में लहूलुहान पड़े देखा था। कैम्पस के ही मेडिकल कॉलेज से आई डॉक्टरों की टीम ने उसको बचाने का प्रयास किया। लेकिन, चोट ज्यादा होने से उसको बचाया नहीं जा सका।
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