यूपी में 'पावर' संकट की आहट: मार्च में ही टूटेगा बिजली की मांग का रिकॉर्ड, 22 हजार मेगावाट के पार जाने की संभावना
जून तक 33,000 मेगावाट पहुंच सकती है पीक डिमांड; उपभोक्ता परिषद ने निर्बाध आपूर्ति के लिए पुख्ता तैयारी की उठाई मांग
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गर्मी की शुरुआती आहट के साथ ही बिजली की मांग ने रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया है। आने वाले एक-दो दिनों में प्रदेश में बिजली की पीक डिमांड 22,000 मेगावाट के पार पहुंचने की प्रबल संभावना है। बढ़ती तपिश और बढ़ते लोड को देखते हुए राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉरपोरेशन को अभी से वितरण और ट्रांसमिशन व्यवस्था दुरुस्त करने की चेतावनी दी है।
आंकड़ों की जुबानी: साल दर साल बढ़ती मांग
ये भी पढ़ें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एच-1बी प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए अमेरिकी संसद में विधेयक पेश आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 में अधिकतम बिजली मांग 21,869 मेगावाट दर्ज की गई थी, जबकि इस वर्ष 9 मार्च को ही यह आंकड़ा 21,307 मेगावाट तक पहुंच चुका है। मौजूदा रुझान बताते हैं कि इस बार गर्मी पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर देगी। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के अनुसार, इस वर्ष जून तक प्रदेश की पीक डिमांड 33,000 मेगावाट से भी अधिक होने की संभावना है, जो अब तक का ऐतिहासिक स्तर होगा।
देशभर में सुधरी आपूर्ति, पर यूपी में 'रोस्टर' का रोना
ये भी पढ़ें लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर किरेन रिजिजू का कड़ा रुख, बोले-पछताएगी कांग्रेसकेंद्रीय विद्युत नियामक आयोग की सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में देश में बिजली की आपूर्ति व्यवस्था में सुधार हुआ है। जहां वित्तीय वर्ष 2022-23 में आपूर्ति में 4% की कमी थी, वहीं 2024-25 में यह कमी लगभग शून्य रही। हालांकि, उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में अब भी घोषित और अघोषित रोस्टर व्यवस्था लागू है। उन्होंने कहा कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए यदि उत्पादन और वितरण प्रणाली को अभी से मजबूत नहीं किया गया, तो आने वाले महीनों में संकट गहरा सकता है।
निर्बाध आपूर्ति के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर
उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉरपोरेशन और बिजली कंपनियों से मांग की है कि ट्रांसमिशन लाइनों और सब-स्टेशनों के रखरखाव का काम युद्ध स्तर पर पूरा कर लिया जाए। परिषद का कहना है कि बिजली की मांग बढ़ने पर अक्सर ट्रांसफॉर्मर फुंकने और केबल जलने की शिकायतें बढ़ जाती हैं, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। गर्मी के चरम सीजन में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली देना विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी।
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