आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की रिहाई का रास्ता साफ, बी-वारंट रद्द
मेरठ। आज़ाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। ये जानकारी आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने बताया कि तालकटोरा थाना प्रकरण में बी-वारंट वापस हो गए हैं। अब किसी भी दिन राष्ट्रीय अध्यक्ष की रिहाई हो सकती है। तालकटोरा थाना, लखनऊ में पंजीकृत मुकदमा संख्या 204/2025 (अब अपराध संख्या 06/2026, थाना गोमतीनगर विस्तार) में आज़ाद अधिकार सेना के
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के पक्ष में एक राहत कोर्ट से मिली है। जिससे उनकी देवरिया जेल से रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकरण (धारा 420, 467, 471, 120-बी भा.दं.सं.) में दिनांक 30 जनवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय, लखनऊ में सुनवाई हुई। जिसमें अमिताभ ठाकुर की ओर से उनके अधिवक्ता दीपक कुमार ने लगातार दो दिनों (29/30जनवरी 2026)तक बहस प्रस्तुत की। बहस के दौरान न्यायालय के समक्ष-अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति की अनावश्यक मांग, देवरिया न्यायालय एवं वाराणसी न्यायालय द्वारा प्रदान किए गए वैध जमानत आदेश, तथा बी-वारंट जारी किए जाने की स्पष्ट कानूनी असंगतता को विस्तार से रखा गया। पुलिस पक्ष (मौके पर मौजूद विवेचक) अभियुक्त को रिमांड पर प्रस्तुत करने में असफल रहा। विवेचक द्वारा बी-वारंट के आधार पर अग्रिम तिथि अथवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रिमांड की प्रार्थना की गई। जिसे न्यायालय ने उपलब्ध जमानत आदेशों एवं विधिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए खारिज कर दिया। सीजेएम न्यायालय, लखनऊ ने अमिताभ ठाकुर के विरुद्ध जारी बी-वारंट को “अदम तामीला (Unexecuted)” घोषित करते हुए उसे वापस करने का आदेश दिया है। इस संबंध में अधीक्षक, जिला कारागार देवरिया को बी-वारंट लौटाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं। जिसकी पुष्टि अधिवक्ता दीपक कुमार द्वारा की गई है। यह आदेश न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता, कानून के शासन और अभियुक्त के संवैधानिक अधिकारों की स्पष्ट पुष्टि करता है। बी-वारंट की वापसी से लखनऊ से संबंधित इस प्रकरण में उत्पन्न सभी अनावश्यक और अवैधानिक कानूनी बाधाएं समाप्त हो गई हैं।
बी-वारंट की वापसी के साथ ही यह स्पष्ट हो गया है कि तालकटोरा/गोमतीनगर विस्तार प्रकरण के कारण अमिताभ ठाकुर की देवरिया जेल में निरुद्धता का अब कोई वैधानिक आधार शेष नहीं है। वर्तमान में उनकी न्यायिक हिरासत केवल अन्य प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं से संबंधित है, जिन्हें विधि के अनुसार पूर्ण किए जाने के उपरांत उनकी रिहाई की प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से पूरी हो जाएगी।
आज़ाद अधिकार सेना अमिताभ ठाकुर की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य-स्थिति, उनकी सुरक्षा, तथा निष्पक्ष, स्वतंत्र और त्वरित न्याय की मांग को पूरी मजबूती के साथ उठाती रहेगी। संगठन को पूर्ण विश्वास है कि आगामी न्यायिक प्रक्रियाओं में उन्हें स्थायी राहत एवं पूर्ण स्वतंत्रता शीघ्र प्राप्त होगी।
आज़ाद अधिकार सेना अन्याय, उत्पीड़न और सत्ता के दुरुपयोग के विरुद्ध संघर्ष में अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमिताभ ठाकुर जी के साथ पूरी दृढ़ता, एकजुटता और संकल्प के साथ खड़ी है।
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