मेरठ के सत्यकाम स्कूल के पूर्व डायरेक्टर गिरफ्तार, 3 करोड़ के गबन का आरोप; थाने पर समर्थकों का हंगामा
मेरठ: जनपद के लोहियानगर थाना क्षेत्र स्थित सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल के पूर्व डायरेक्टर और पूर्व ट्रस्टी अनुज शर्मा को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। अनुज शर्मा पर स्कूल ट्रस्ट के 3 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि के गबन का आरोप है। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही उनके समर्थकों की थाने पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए हालात को नियंत्रित कर लिया।
यह पूरी कार्रवाई सत्यकाम एजुकेशनल ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष अमित शर्मा (निवासी आगरा) द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर की गई है। तहरीर में पूर्व डायरेक्टर अनुज शर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य रश्मि मिश्रा और एक अज्ञात व्यक्ति को नामजद किया गया है। आरोप है कि इन लोगों ने मिलीभगत कर ट्रस्ट के करोड़ों रुपये के फंड का दुरुपयोग किया।
फर्जी बैंक खाते के जरिए हेराफेरी: पुलिस जांच में सामने आया है कि पूर्व डायरेक्टर अनुज शर्मा ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर यूनिवर्सिटी रोड स्थित इंडियन बैंक में ट्रस्ट के नाम से एक समानांतर बैंक खाता खुलवाया था। स्कूल की फीस का पैसा इसी खाते में जमा कराया जाता था, जहाँ से बड़ी धनराशि का गबन किया गया। शिकायत के अनुसार, जब ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों ने इस अनियमितता का विरोध किया, तो उन्हें बाउंसरों और असामाजिक तत्वों के माध्यम से स्कूल परिसर से बाहर निकलवा दिया गया।
प्रधानाचार्य की बर्खास्तगी और ट्रस्ट डीड का विवाद: गबन प्रकरण उजागर होने के बाद स्कूल प्रबंधन ने प्रधानाचार्य रश्मि मिश्रा की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी थीं। इस संबंध में नोटिस स्कूल के मुख्य द्वार पर चस्पा किया गया था। जांच के दौरान ट्रस्ट डीड को लेकर भी गंभीर विवाद सामने आया है। एक पक्ष 2010 और 2013 की मूल डीड को सही बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष 2025 में पंजीकृत नई डीड को फर्जी करार दे रहा है।
ये भी पढ़ें होली से पहले एहतियात, अलीगढ़ में रंगरेजान मस्जिद को त्रिपाल से ढका गया, सौहार्द बनाए रखने की पहलफिलहाल, पुलिस अनुज शर्मा को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर गबन के इस बड़े प्रकरण का जल्द ही पूर्ण खुलासा किया जाएगा। शिक्षा जगत में इस गिरफ्तारी के बाद से हड़कंप मचा हुआ है।
शनिवार को अनुज शर्मा की गिरफ्तारी के बाद लोहियानगर थाने पर जुटे उनके समर्थकों और परिजनों का कहना है कि यह पूरा मामला ट्रस्ट के आपसी विवाद और वर्चस्व की लड़ाई का है। समर्थकों का दावा है कि गबन के आरोप निराधार हैं और उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उनके अनुसार, ट्रस्ट डीड को लेकर चल रहा विवाद अभी न्यायालय के विचाराधीन है, ऐसे में पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई राजनीति से प्रेरित हो सकती है। फिलहाल, अनुज शर्मा की ओर से कोई आधिकारिक कानूनी बयान आना बाकी है।
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