मेरठ में ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश: इंस्टाग्राम और फेसबुक पर 'सस्ते सामान' का लालच देकर फंसाते थे शिकार
मुण्डाली पुलिस और साइबर सेल की बड़ी कार्रवाई; 4 शातिर ठग गिरफ्तार, 9 मोबाइल और सिम कार्ड बरामद
मेरठ। सोशल मीडिया के जरिए सस्ते दामों पर हैंडीक्राफ्ट और डेकोरेशन का सामान बेचने का झांसा देकर ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का मेरठ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। थाना मुण्डाली पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी सर्विलांस और i4c पोर्टल की मदद से जाल बिछाकर 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इनके पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन और भारी मात्रा में सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान सलमान, सलीम, मतलूब और जीशान के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने इनके कब्जे से 9 मोबाइल फोन, कई फर्जी सिम कार्ड और ठगी के लिए सैंपल के तौर पर रखा गया डेकोरेशन का सामान भी बरामद किया है।
फेसबुक-इंस्टाग्राम पर बुना जाता था ठगी का जाल
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए ठगी के तरीके का खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि वे फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी आईडी बनाते थे। इन आईडी पर वे सुंदर हैंडीक्राफ्ट और डेकोरेशन के सामानों की फोटो लगाकर उन्हें बाजार से काफी कम दामों पर उपलब्ध कराने का विज्ञापन देते थे। जब कोई ग्राहक कम कीमत के लालच में उनसे संपर्क करता, तो वे उसे विश्वास में लेकर ऑनलाइन पेमेंट (एडवांस) जमा करा लेते थे। पैसा मिलने के बाद आरोपी ग्राहक का नंबर ब्लॉक कर देते थे और सामान कभी नहीं भेजते थे।
ये भी पढ़ें बेटियों के हाथ होंगे पीले, सरकार देगी 20 हजार: शामली में शादी अनुदान योजना के लिए आवेदन शुरूi4c पोर्टल और सर्विलांस की मदद से दबोचे गए आरोपी
साइबर सेल ने बताया कि ठगी के शिकार हुए लोगों द्वारा दी गई शिकायतों और आई4सी (i4c) पोर्टल पर दर्ज डाटा की मदद से इन ठगों को ट्रैक किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह ने अब तक देश के किन-किन राज्यों में कितने लोगों को अपना निशाना बनाया है और इनके बैंक खातों में ठगी की कितनी रकम जमा है।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापनों और अत्यधिक सस्ते सामान के लालच में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन भुगतान करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करें।
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