मुरादाबाद: किशोरी से छेड़खानी के आरोपी को पंचायत ने जूते मारने की सजा सुनाई, थाने के सामने पीटे जाने का वीडियो वायरल - पुलिस ने तहरीर पर कार्रवाई का आश्वासन दिया

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के चंदौसी क्षेत्र के कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में किशोरी से छेड़खानी का मामला चर्चा का केंद्र बन गया है। छह फरवरी को खेत से चारा काटने गई किशोरी के साथ रास्ते में गांव के एक युवक ने अश्लील हरकतें कीं। मामले ने तूल पकड़ लिया जब पंचायत ने आरोपी को जूते से पीटने की सजा सुनाई, जो कुढ़ फतेहगढ़ थाने के सामने ही लागू कर दी गई। पीड़िता किशोरी ने खुद थाने के सामने आरोपी को जूते से पीटा और मामला रफा-दफा हो गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे क्षेत्र में बहस छिड़ गई है।
कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली किशोरी 6 फरवरी को अपने खेत पर चारा काटने गई थी। रास्ते में उसे गांव का ही एक युवक मिला, जिसने कथित तौर पर अश्लील हरकतें शुरू कर दीं। किसी तरह किशोरी आरोपी के चंगुल से छूटकर घर पहुंची और अपने स्वजनों को पूरी घटना बता दी। गुस्साए परिजनों ने किशोरी को लेकर तुरंत थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। लेकिन इसी बीच गांव के संभ्रांत लोग थाने पर पहुंच गए और दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद थाने के बाहर ही पंचायत का आयोजन हुआ।
पंचायत में दोनों पक्षों की बात सुनी गई और फैसला सुनाया गया कि आरोपी को जूते से पीटना उचित रहेगा। इसका उद्देश्य आरोपी को अपनी गलती का एहसास कराना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना था। पंचायत के निर्णय के अनुसार, थाने के सामने ही पीड़िता किशोरी ने आरोपी को जूते से पीटा। इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने बना लिया, जो अब इंटरनेट मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किशोरी आरोपी को थप्पड़ों और जूते के प्रहार के साथ सबक सिखा रही है, जबकि आसपास भीड़ मौन दर्शक बनी हुई है। समझौते के बाद दोनों पक्षों ने थाने में कोई औपचारिक तहरीर नहीं दी और मामला समाप्त घोषित कर दिया।
कुढ़ फतेहगढ़ थाने के प्रभारी निरीक्षक लोकेंद्र त्यागी ने बताया कि किशोरी के स्वजन छेड़खानी की शिकायत लेकर आए थे, लेकिन उन्होंने कोई लिखित तहरीर नहीं दी। गांव के संभ्रांत लोगों ने दोनों पक्षों के बीच सुलह करा दी। जूते से पीटने की घटना की जानकारी सोशल मीडिया और लोगों के माध्यम से मिली है। उन्होंने कहा, “यदि इस मामले में पीड़ित पक्ष से तहरीर प्राप्त होती है तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस किसी भी प्रकार के समझौते को मान्य नहीं करती, खासकर नाबालिग लड़कियों से संबंधित मामलों में।” प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो के आधार पर भी जांच की जा सकती है।
यह घटना ग्रामीण भारत में पंचायती न्याय और पुलिसिया प्रक्रिया के बीच टकराव को उजागर करती है। एक ओर जहां पंचायत ने त्वरित फैसला सुनाया और पीड़िता को खुद न्याय का मौका दिया, वहीं कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि छेड़खानी जैसे गंभीर अपराधों में पंचायती समझौते कानूनन मान्य नहीं होते। सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे किशोरी के साहस की मिसाल बता रहे हैं, तो कुछ इसे कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाला बता रहे हैं। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की है।
कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह घटना नई बहस छेड़ सकती है। किशोरी की हिम्मत ने निश्चित रूप से आरोपी को सबक सिखाया, लेकिन सवाल यह है कि क्या पंचायती न्याय से भविष्य में ऐसी घटनाएं रुक पाएंगी? या पुलिस और प्रशासन को सक्रिय होकर कानूनी प्रक्रिया को मजबूत करना होगा? इस मामले पर स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर बहस जारी है। पुलिस ने सभी पहलुओं पर नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर कड़ी कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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