पश्चिमी यूपी के दिग्गजों को बड़ी राहत:संजीव बालियान, भारतेन्दु, सुरेश,उमेश, राजपाल, अशरफ और प्रसन्न समेत 25 नेताओं के मुकदमे होंगे वापस
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने केस हटाने की दी अनुमति; मुजफ्फरनगर, शामली और बुलंदशहर के जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल, 26 फरवरी को अगली सुनवाई
प्रयागराज/मुजफ्फरनगर। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश के 25 कद्दावर जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की अनुमति प्रदान कर दी है। ये मुकदमे मुख्य रूप से कोरोना काल के दौरान लागू की गई गाइडलाइंस के उल्लंघन से जुड़े थे। कोर्ट के इस फैसले से पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, पूर्व मंत्री सुरेश राणा और पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती समेत कई दिग्गजों को कानूनी राहत मिली है।
ये भी पढ़ें 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को साकार करने वाला बजट: बुढ़ाना में बोले पूर्व विधायक उमेश मलिकउत्तर प्रदेश सरकार ने जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज कुल 72 मुकदमों को वापस लेने के लिए हाई कोर्ट में अर्जियां दाखिल की थीं। न्यायमूर्ति ने इन पर सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि जिन मामलों में गंभीर आपराधिक धाराएं नहीं हैं, उन्हें कानून के अनुसार वापस लिया जा सकता है। कोर्ट ने फिलहाल 28 मामलों में अनुमति दे दी है, जबकि गंभीर अपराधों से जुड़ी शेष अर्जियों पर अंतिम फैसला सुरक्षित रखते हुए 26 फरवरी की तारीख मुकर्रर की है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इन चेहरों को मिली राहत: हाई कोर्ट के इस फैसले से मुजफ्फरनगर, शामली और बुलंदशहर के नेताओं को बड़ी राहत मिली है। राहत पाने वालों की सूची में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
-
डॉ. संजीव बालियान: मुजफ्फरनगर (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
-
सुरेश राणा: शामली (पूर्व कैबिनेट मंत्री)
-
राजपाल बालियान: मुजफ्फरनगर (बुढ़ाना विधायक)
-
अशरफ अली खान: शामली (विधायक)
-
प्रसन्न चौधरी: शामली (विधायक)
-
उमेश मलिक: मुजफ्फरनगर (पूर्व विधायक)
-
कुमार भारतेंदु: बिजनौर (पूर्व सांसद)
-
विजेंद्र सिंह व मीनाक्षी सिंह: बुलंदशहर
सूची में शामिल अन्य बड़े नाम: इस कानूनी राहत का लाभ उमा भारती (महोबा), पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह (अलीगढ़), नीलम सोनकर (आजमगढ़), सीमा द्विवेदी (जौनपुर), अभिजीत सांगा (कानपुर), अनिल सिंह (उन्नाव) और वेदप्रकाश गुप्ता (अयोध्या) को भी मिला है। कोर्ट ने कहा कि महामारी के दौरान सार्वजनिक सेवा और राजनैतिक गतिविधियों के चलते दर्ज हुए इन 'मामूली' मुकदमों को वापस लेने की प्रक्रिया अब संबंधित जिलों की अदालतों के माध्यम से पूरी की जाएगी।
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
लेखक के बारे में
यह 'रॉयल बुलेटिन' न्यूज़ नेटवर्क का आधिकारिक संपादकीय डेस्क (Editorial Desk) है। यहाँ से मुज़फ्फरनगर, नोएडा और देशभर के हमारे विस्तृत रिपोर्टिंग नेटवर्क से प्राप्त समाचारों को प्रमाणित और संपादित करने के बाद पाठकों तक पहुँचाया जाता है। हमारी डेस्क टीम 24x7 सक्रिय रहती है ताकि आप तक सबसे सटीक, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरें बिना किसी देरी के पहुँच सकें। न्यूज़ रूम से संबंधित सूचनाओं और प्रेस विज्ञप्ति के लिए आप हमें news@royalbulletin.in पर संपर्क कर सकते हैं।

टिप्पणियां