सहारनपुर। महानगर सहारनपुर प्रदेश का पहला एंटी रेबीज शहर बनेगा। महापौर डॉ. अजय कुमार और नगरायुक्त शिपू गिरि ने वार्ड 40 के नगर निगम परिसर से आज कुत्तों में एंटी रेबीज़ वैक्सीनेशन कराकर तथा वार्डो में जाने वाली टीमों को हरी झंडी दिखाकर अभियान की शुरुआत की। सहारनपुर प्रदेश का पहला महानगर है जहां राष्ट्रीय रेबीज नियत्रंण कार्यक्रम के अंतर्गत एंटी रेबीज वैक्सीनेशन की शुरुआत पांच टीमों के साथ युद्ध स्तर पर की गयी है।
अभियान की शुरुआत में चिकित्सकों ने सबसे पहले पकड़े गए कुत्तों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए तथा महापौर डॉ. अजय कुमार ने नगरायुक्त शिपू गिरि के साथ हरी झण्डी दिखाकर वार्ड के लिए टीमों को रवाना किया। महापौर डॉ. अजय कुमार ने बताया कि आज वृहद स्तर पर सहारनपुर के वार्ड 40 से इसकी शुरुआत की गयी है। उन्होंने निगम के पशु चिकित्सा कल्याण अधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा को निर्देश दिए कि सार्वजनिक स्थानों बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन, धर्म स्थलों आदि के आसपास यह अभियान प्राथमिकता के साथ चलाया जाए। महापौर ने बताया कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय रेबीज नियत्रंण कार्यक्रम की शुरुआत की है, इसका उद्देश्य 2030 तक भारत को रेबीज मुक्त बनाना और 2030 तक रेेबीज के कारण कुत्तों से होने वाली मौतों को शून्य पर लाना है।
नगरायुक्त शिपू गिरि ने बताया कि कुत्तों में एंटी रेबीज़ वैक्सीनेशन अभियान लगातार चलाया जायेगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा अब तक लगभग 24 हजार कुत्तों की नसबंदी भी की गयी है। नसबंदी के दौरान कुत्तों में एंटी रेबीज वैक्सीनेशन भी किया जाता है। उन्होंने बताया कि जिन कुत्तों में नसबंदी के दौरान वैक्सीनेशन किया गया था उन्हें भी बूस्टर डोज दिया जायेगा। नगरायुक्त ने कहा कि यह नगर निगम की उपलब्धि है कि सहारनपुर प्रदेश का पहला रैबीज फ्री सिटी बनेगा। उन्होंने सार्वजनिक स्थानों पर रेबीज से बचाव के सम्बंध में प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मानव-पशु संघर्ष को कम करने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम है।
निगम के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संदीप मिश्रा ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के लिए पांच टीमें गठित की गई है, हर टीम में चार डॉग कैचर, एक वैक्सीनेटर और एक पशु चिकित्सक तथा एक वाहन शामिल है। उन्होंने बताया कि महानगर को वार्डवार कवर किया जायेगा। आज पांचों टीम बस स्टैण्ड, रेलवे स्टेशन सहित वार्ड 40 को कवर करेगी। प्रयास रहेगा कि लगभग 4 दिन में एक वार्ड कवर कर लिया जाए। उन्होंने बताया कि पहचान के लिए वैक्सीनेशन के बाद कुत्तों को विष रहित कलर मार्क लगाकर छोडा़ जायेगा। डॉ.मिश्रा ने बताया कि अनुमानित शहर में 40 हजार कुत्ते है। प्रयास रहेगा कि 300 दिन में सभी वार्डो को कवर कर लिया जाए। कुत्तों को हर वर्ष रेबीज का बूस्टर डोज दिया जायेगा। डॉ. मिश्रा ने बताया कि रैबीज एक वायरस जनित बीमारी है, इससे बचाव ही इसका उपाय है। इस दौरान अपर नगरायुक्त मृत्युंजय, महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार, नगर स्वास्थय अधिकारी डॉ. प्रवीण शाह, लेखाधिकारी मनोज त्रिपाठी सहित निगम के अनेक अधिकारी तथा क्षेत्रीय पार्षद राजेंद्र कोहली, पार्षद मुकेश गक्खड व पूर्व सभासद प्रवेश धवन आदि शामिल रहे।