आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज में चौंकाने वाला खुलासा, मुख्यमंत्री योगी से रैगिंग की शिकायत
- भदोही के अधिवक्ता ने शासन को लिखा पत्र, स्वतंत्र व गोपनीय जांच की मांग
- सीनियरों की दबंगई से सहमे जूनियर, कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर सवाल
आजमगढ़। राजकीय मेडिकल कॉलेज चक्रपानपुर आजमगढ़ में रैगिंग के गंभीर आरोप सामने आए हैं। कॉलेज में अध्ययनरत जूनियर छात्र-छात्राओं के साथ शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न की शिकायत को लेकर सिविल कोर्ट भदोही में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ता राहुल कुमार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि कॉलेज परिसर और हॉस्टलों में आए दिन रैगिंग की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन और संबंधित संस्थाएं इस पर रोक लगाने में पूरी तरह विफल हैं। आरोप है कि सीनियर छात्र-छात्राओं और हॉस्टल वार्डन की मिलीभगत से रैगिंग को अंजाम दिया जा रहा है। इसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन को है, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
रैगिंग के खिलाफ बोलने पर भविष्य पर खतरा
शिकायत के अनुसार, रात के समय सीनियर छात्र हॉस्टलों में जबरन प्रवेश कर जूनियर छात्र-छात्राओं को निशाना बनाते हैं। इससे कॉलेज में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। पीड़ित छात्र खुलकर शिकायत करने से डर रहे हैं, क्योंकि उन्हें आशंका है कि प्रशासन या सीनियर छात्रों द्वारा उनके भविष्य के साथ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
कॉलेज प्रशासन पर जबरन हस्ताक्षर कराने का आरोप
गंभीर आरोप यह है कि कॉलेज प्रशासन ने पहले ही छात्रों से सादे कागज पर जबरन हस्ताक्षर करवा कर रख लिए हैं, ताकि किसी भी विवाद, बयान या यहां तक कि आत्महत्या जैसे मामलों में उनका उपयोग प्रशासन अपने बचाव में कर सके। इस खुलासे ने कॉलेज की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री से न्याय और सुरक्षा की मांग
अधिवक्ता राहुल कुमार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए किसी स्वतंत्र विभाग से गोपनीय जांच कराई जाए। दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित छात्र-छात्राओं को सुरक्षा व न्याय दिलाया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और सरकार की साख बनी रहे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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