1 लाख रुपये देकर घर लाएं Maruti Eeco, 7 साल के लोन पर इतनी बनेगी हर महीने
अगर आप कम बजट में ऐसी कार तलाश रहे हैं जिसमें परिवार के साथ सफर करने के लिए पर्याप्त जगह मिले, तो Maruti Eeco आपके लिए एक दिलचस्प विकल्प हो सकती है। खास बात यह है कि अगर पूरी रकम एक साथ खर्च नहीं करना चाहते, तो कार को फाइनेंस कराकर खरीदने का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। करीब 1 लाख रुपये की डाउन पेमेंट और 7 साल की लोन अवधि वाले उदाहरण में इसकी मासिक EMI लगभग 8 हजार रुपये के आसपास बैठ सकती है। हालांकि वास्तविक EMI बैंक की ब्याज दर और ऑन-रोड कीमत के अनुसार बदल सकती है।
Maruti Eeco की कीमत कितनी है?
Maruti Eeco के बेस 5-सीटर STD वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत करीब 5.28 लाख रुपये मानी गई है। लेकिन कार खरीदते समय केवल एक्स-शोरूम कीमत ही नहीं चुकानी होती। RTO, इंश्योरेंस और दूसरे जरूरी शुल्क जुड़ने के बाद इसकी ऑन-रोड कीमत लगभग 5.85 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। इसलिए फाइनेंस प्लान बनाते समय ऑन-रोड कीमत को ध्यान में रखना जरूरी है।1 लाख रुपये डाउन पेमेंट देने पर कितना लोन लेना होगा?
अगर कार की अनुमानित ऑन-रोड कीमत 5.85 लाख रुपये मानी जाए और खरीदार शुरुआत में 1 लाख रुपये डाउन पेमेंट करता है, तो करीब 4.85 लाख रुपये की रकम लोन के तौर पर लेनी पड़ेगी। इसके बाद इसी लोन राशि पर बैंक की तय ब्याज दर के हिसाब से हर महीने EMI चुकानी होगी।
7 साल के लोन पर कितनी बनेगी EMI?
मान लीजिए 4.85 लाख रुपये का कार लोन 9 प्रतिशत सालाना ब्याज दर पर 84 महीनों यानी 7 साल के लिए लिया जाता है। इस स्थिति में मासिक EMI लगभग 7,894 रुपये बनती है। यानी खरीदार को सात साल तक हर महीने करीब 8 हजार रुपये की किस्त देनी होगी।
7 साल में कितना ब्याज चुकाना पड़ेगा?
करीब 7,894 रुपये की मासिक EMI को 84 महीनों तक चुकाने पर कुल भुगतान लगभग 6.63 लाख रुपये के आसपास होगा। इसमें करीब 4.85 लाख रुपये मूल लोन और लगभग 1.78 लाख रुपये ब्याज के रूप में जा सकते हैं। इसमें 1 लाख रुपये की शुरुआती डाउन पेमेंट जोड़ने पर कार के लिए कुल भुगतान लगभग 7.63 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। वास्तविक आंकड़ा बैंक के शुल्क और फाइनेंस की शर्तों के कारण अलग हो सकता है।
Maruti Eeco किन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है?
Maruti Eeco को उन खरीदारों के लिए उपयोगी माना जाता है जिन्हें कम कीमत में ज्यादा जगह वाली गाड़ी चाहिए। परिवार के साथ यात्रा के अलावा इसका इस्तेमाल छोटे कारोबार, रोजाना सामान ले जाने और व्यावसायिक जरूरतों के लिए भी किया जाता है। यही वजह है कि यह कार केवल निजी खरीदारों ही नहीं, बल्कि छोटे कारोबार से जुड़े लोगों के बीच भी अपनी जगह बनाए हुए है।
कम डाउन पेमेंट का फायदा और नुकसान
1 लाख रुपये की डाउन पेमेंट उन लोगों के लिए राहत दे सकती है जो शुरुआत में बड़ी रकम खर्च नहीं करना चाहते। कम डाउन पेमेंट के कारण जेब पर शुरुआती बोझ कम रहता है, लेकिन इसके बदले लोन की रकम ज्यादा हो जाती है। अगर लोन की अवधि भी लंबी रखी जाए तो कुल ब्याज का बोझ बढ़ सकता है। इसलिए केवल कम EMI देखकर फैसला करना सही नहीं होगा।
कार लोन लेने से पहले इन बातों पर दें ध्यान
कार फाइनेंस कराने से पहले अलग-अलग बैंकों और फाइनेंस कंपनियों की ब्याज दरों की तुलना करना समझदारी होगी। इसके साथ प्रोसेसिंग फीस, डॉक्यूमेंटेशन चार्ज, इंश्योरेंस और अन्य शुल्कों को भी समझना जरूरी है। अपनी मासिक आमदनी और दूसरे खर्चों को ध्यान में रखकर EMI चुनना चाहिए, ताकि लंबे समय तक किस्त चुकाने में परेशानी न हो।
ज्यादा डाउन पेमेंट से घट सकती है EMI
अगर खरीदार शुरुआत में 1 लाख रुपये से ज्यादा रकम जमा कर सकता है, तो लोन की राशि कम हो जाएगी। इससे मासिक EMI घट सकती है और पूरे लोन की अवधि में ब्याज पर होने वाला खर्च भी कम किया जा सकता है। इसलिए खरीदारी से पहले कम डाउन पेमेंट और ज्यादा डाउन पेमेंट दोनों विकल्पों की तुलना करना फायदेमंद रहेगा।
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युवा और ऊर्जावान पत्रकार चयन प्रजापत 'रॉयल बुलेटिन' के लिए मध्य प्रदेश के इंदौर से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। आपकी मुख्य विशेषज्ञता खेल (Sports), कृषि (Farming) और ऑटोमोबाइल (Automobile) सेक्टर में है। चयन प्रजापत इन विषयों की तकनीकी समझ के साथ-साथ ज़मीनी हकीकत को अपनी खबरों में पिरोने के लिए जाने जाते हैं। इंदौर और मालवा क्षेत्र की खबरों के साथ-साथ ऑटोमोबाइल और खेल जगत की विशेष कवरेज के लिए आप रॉयल बुलेटिन के एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।

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