'गाजा शांति योजना पर जनरल द्विवेदी का कथित वीडियो फर्जी,पाकिस्तानी हैंडलों की करतूत'
नयी दिल्ली । सरकार ने कहा है कि सोशल मीडिया पर आ रहा सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी का वह कथित वीडियो फर्जी है जिसमें वह पाकिस्तान को गाजा शांति बोर्ड में शामिल किये जाने का विरोध कर रहे हैं। सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के फैक्ट चेक हेन्डल ने इस वीडियो की जांच के बाद इसे फर्जी पाया है। पीआईबी ने कहा है कि दुष्प्रचार में लगे पाकिस्तान के सोशल मीडिया हैंडलों ने जनरल द्विवेदी के वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे बदल दिया है। इस वीडियो में दावा किया गया है कि भारत पाकिस्तान को गाजा शांति बोर्ड में शामिल किये जाने का विरोध करता है।
पीआईबी ने कहा है कि यह वीडियो फर्जी है और इसका उद्देश्य गलत सूचना फैलाकर लोगों को गुमराह करना है। पीआईबी ने लोगों से इस तरह के फर्जी वीडियो से सचेत रहने को कहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।
