रूस-यूक्रेन युद्ध: खारकीव में रूसी मिसाइलों का कहर; पावर ग्रिड ध्वस्त, लाखों घरों की बिजली गुल
कीव। यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव पर रूस ने सोमवार को एक के बाद एक पांच मिसाइल हमले किए, जिससे शहर के ऊर्जा ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। खारकीव के मेयर इहोर तेरेखोव ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह केवल इमारतों पर हमला नहीं, बल्कि आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा वार है।
मेयर तेरेखोव ने टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा, “यह हमला सिर्फ किसी सुविधा पर नहीं है, बल्कि हीटिंग, पानी और सामान्य जीवन पर हमला है। वे डर और अंधेरे के जरिए हमें तोड़ना चाहते हैं।” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किन-किन ठिकानों को निशाना बनाया गया।
खारकीव शहर में दस लाख से अधिक लोग रहते हैं और यह रूस की सीमा के काफी नजदीक स्थित है। हमले ऐसे समय में हुए हैं जब शहर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सोमवार को दिन का तापमान शून्य से करीब तीन डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि रात में तापमान और गिरने की आशंका है। स्थानीय बिजली आपूर्तिकर्ता के अनुसार, हालिया हमलों से पहले भी निवासियों को 24 घंटे में औसतन केवल 14 से 16 घंटे ही बिजली मिल पा रही थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, नवंबर महीने से रूस ने यूक्रेन की ऊर्जा व्यवस्था और लॉजिस्टिक नेटवर्क पर हमलों की संख्या और तीव्रता दोनों बढ़ा दी है। बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कई इलाकों में लंबे समय तक अंधेरा छा गया है और आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
दिसंबर के अंत में रूस के एक बड़े हमले के बाद यूक्रेन की राजधानी कीव के लगभग एक-तिहाई हिस्से में हीटिंग व्यवस्था ठप हो गई थी। वहीं, यूक्रेन के सबसे बड़े बंदरगाह शहर ओडेसा में भी लगातार हमलों के कारण कई दिनों तक बिजली आपूर्ति लगभग पूरी तरह बंद रही।
इसके अलावा रूस ने चेर्निहीव और खेरसॉन जैसे शहरों में हीटिंग स्टेशन को भी निशाना बनाया है, जिससे वहां के नागरिकों को भीषण ठंड में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि ऊर्जा ढांचे पर ये हमले जानबूझकर किए जा रहे हैं, ताकि सर्दियों के मौसम में नागरिकों पर अधिक दबाव डाला जा सके।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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