मुजफ्फरनगर भाजपा में 'रार': 27 सदस्यीय टीम पर अपनों ने ही उठाए सवाल; 'सदर' का दबदबा और ' 3 दागियों' की एंट्री से कार्यकर्ताओं में रोष
जिलाध्यक्ष बोले-बड़ा परिवार है, समायोजन में थोड़ी दिक्कत होती है लेकिन चिंता न करे, जल्द ही सबको मिलेगी खुशखबरी !

मुजफ्फरनगर। भारतीय जनता पार्टी की हाल ही में घोषित 27 सदस्यीय जिला कार्यकारिणी ने जनपद की बीजेपी की राजनीति में भूचाल ला दिया है। 'सबका साथ-सबका विकास' का नारा देने वाली पार्टी के भीतर ही अब क्षेत्रीय असंतुलन और जातिगत अनदेखी को लेकर बगावत के सुर तेज हो गए हैं। जहां कोरी और विश्वकर्मा समाज ने आंदोलन की चेतावनी दी है, वहीं कार्यकारिणी में ' तीन दागी' चेहरों की एंट्री ने संगठन की शुचिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्षेत्रीय असंतुलन: 27 में से 17 पदाधिकारी अकेले 'सदर' से
कार्यकारिणी के गठन में क्षेत्रीय संतुलन पूरी तरह बिगड़ा नजर आ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, पूरी 27 सदस्यीय जिला समिति में अकेले सदर विधानसभा से 17 पदाधिकारी बनाए गए हैं। इसके विपरीत:
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खतौली: 3 पद, बुढ़ाना: 2 पद, पुरकाजी: 2 पद, मीरापुर: 2 पद और चरथावल से केवल एक कार्यकर्ता को ही जगह मिल पाई है।
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चरथावल: मात्र 1 कार्यकर्ता को स्थान मिला है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अन्य विधानसभा क्षेत्रों की इस अनदेखी से पार्टी के जनाधार पर बुरा असर पड़ सकता है।
जातिगत अनदेखी: कोरी और विश्वकर्मा समाज ने खोला मोर्चा
जनपद के दो बड़े वोट बैंक संगठन की सूची से गायब होने पर आक्रोशित हैं:
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कोरी समाज: 60-70 हजार की संख्या वाले इस समाज के प्रतिनिधियों (मोहित कुमार कोरी एडवोकेट) ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन होगा।
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विश्वकर्मा समाज: करीब 80 हजार वोटों का दावा करने वाले समाज के युवा नेता निशांत धीमान ने कहा कि समर्पित होने के बावजूद अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने विश्वकर्मा चौक पर प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
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वैश्य समाज के कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछली कार्यकारिणी में उनके समाज के 6 कार्यकर्ता संजय गर्ग, रेनू गर्ग, सचिन सिंघल, साधना सिंघल, अचिंत मित्तल और विकास अग्रवाल शामिल थे, इस बार उन्हें घटाकर केवल 4 विशाल गर्ग, संजय गर्ग, ममता अग्रवाल और पंकज माहेश्वरी को ही स्थान दिया गया है।
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यही नाराजगी जाट समाज ने भी ज़ाहिर की है, जिनके पिछली बार 4 नेताओं नितिन मलिक, बोबिंदर सहरावत, अमित कुमार चौधरी और राहुल वर्मा को पद दिए गए थे, वहीं इस बार केवल दो अंजली चौधरी और अनुज सहरावत को ही जगह मिल पाई है। इस बार ज़िले की दोनों बड़ी जाट खाप बालियान और मलिक के किसी नेता को जिला कार्यकारिणी में जगह नहीं मिल पाई है। बुढ़ाना विधानसभा जाट बाहुल्य सीट मानी जाती है, वहां से भी किसी जाट नेता को जगह न मिलने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई है।
'दागी' चेहरों की एंट्री से किरकिरी
सबसे गंभीर आरोप संगठन की छवि को लेकर हैं। चर्चा है कि नई सूची में तीन ऐसे चेहरे शामिल किए गए हैं जो हत्या (302), हत्या के प्रयास (307) और भू-माफिया जैसे गंभीर मामलों में जेल की हवा खा चुके हैं। कट्टर कार्यकर्ताओं का पूछना है कि क्या भाजपा में अब "स्वच्छ राजनीति" के मायने बदल गए हैं ?
मुजफ्फरनगर भाजपा कार्यकारिणी का जातिगत गणित
जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी द्वारा घोषित 27 सदस्यीय इस टीम में सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की गई है। इस जम्बो कार्यकारिणी में विभिन्न समाजों को इस प्रकार प्रतिनिधित्व दिया गया है:
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ब्राह्मण समाज (4): विनीत कात्यायन, श्वेता कौशिक, शरद शर्मा और अरुण शर्मा को जगह मिली है।
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वैश्य समाज (4): विशाल गर्ग, संजय गर्ग, ममता अग्रवाल और पंकज माहेश्वरी को शामिल किया गया है।
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गुर्जर समाज (3): जोगेंद्र गुर्जर, अमरजीत गुर्जर और लवी विकल को जिम्मेदारी दी गई है।
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जाट समाज (2): कार्यकारिणी में दो जाट चेहरों अंजली चौधरी और अनुज सहरावत को स्थान मिला है।
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पाल समाज (2): रोहताश पाल और रविकांत पाल को शामिल किया गया है।
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त्यागी समाज (2): सचिन पावटी और सर्वेश कुमार को टीम में रखा गया है।
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अन्य पिछड़ा वर्ग एवं विभिन्न समाज:
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सैनी समाज: प्रमेश सैनी
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कश्यप समाज: सुरेंद्र कश्यप
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प्रजापति समाज: विजय प्रजापति
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राजपूत समाज: दिनेश पुंडीर
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रवा राजपूत: विनीत चौहान
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नामदेव समाज: रक्षित नामदेव
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पंजाबी समाज: पवन अरोड़ा
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अनुसूचित जाति एवं अन्य:
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दलित समाज: आंचल तोमर
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खटीक समाज: सुनील दर्शन
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वाल्मीकि समाज: पुरोहित वाल्मीकि
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जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी का पक्ष: "बड़ा परिवार है, हर समर्पित कार्यकर्ता का होगा सम्मान"
कार्यकारिणी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने बेहद सधे हुए अंदाज में अपना पक्ष रखा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी विश्व का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार है और इसमें कार्यकर्ताओं की संख्या भी विशाल है। एक सीमित कार्यकारिणी में हर ऊर्जावान चेहरे को एक साथ समायोजित करना तकनीकी रूप से कठिन चुनौती होती है।
जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन पर सफाई: उठ रहे जातिगत सवालों पर जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी 'सोशल इंजीनियरिंग' के सिद्धांत पर काम कर रही है। उन्होंने तर्क दिया:
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जाट समाज: "समाज को लोकसभा और विधानसभा में पहले ही गौरवपूर्ण और बड़ा प्रतिनिधित्व दिया जा चुका है, संगठन में संख्या की कमी केवल एक संतुलन बनाने का प्रयास है।"
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वैश्य समाज: "नगर विधायक और नगर पालिका चेयरमैन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण और गरिमामय पद इस समाज के पास हैं, इसी संतुलन को बनाए रखने के लिए कार्यकारिणी में अन्य वर्गों को अवसर दिया गया है।"
जल्द मिलेगी 'खुशखबरी': सुधीर सैनी ने विशेष रूप से कोरी, विश्वकर्मा और अन्य समाजों की चिंताओं पर ध्यान देते हुए कहा कि भाजपा सभी जातियों और वर्गों का समान सम्मान करती है। उन्होंने भरोसा दिलाया, "यह तो अभी केवल शुरुआत है। आने वाले समय में विभिन्न मोर्चों, प्रकोष्ठों और अन्य महत्वपूर्ण सांगठनिक पदों पर नियुक्तियां होनी हैं। मैं विश्वास दिलाता हूँ कि उन सूचियों में हर वर्ग, हर विधानसभा क्षेत्र और हर समर्पित कार्यकर्ता को उनका उचित स्थान और मान-सम्मान जरूर मिलेगा।"
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लेखक के बारे में
मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप त्यागी पिछले दो दशकों (20 वर्ष) से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक अटूट और विश्वसनीय स्तंभ हैं। दो दशकों के अपने इस लंबे सफर में आपने मुज़फ्फरनगर की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलचल को बेहद करीब से देखा और अपनी लेखनी से जनता की आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में जिला प्रभारी की ज़िम्मेदारी निभा रहे श्री त्यागी अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए पूरे जिले में पहचाने जाते हैं। जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 9027803022 पर संपर्क कर सकते हैं।

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