UP: योगी सरकार का बड़ा तोहफा; 555 कैलाश मानसरोवर यात्रियों को 1-1 लाख रुपये का अनुदान, CM बोले- 'सांस्कृतिक रूप से एक है भारत'

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को संजोने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को राजधानी लखनऊ के लोक भवन सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने कैलाश मानसरोवर की कठिन यात्रा पूर्ण करने वाले 555 श्रद्धालुओं को 01-01 लाख रुपये की अनुदान राशि के चेक वितरित किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा के लिए पूरी तरह संवेदनशील और प्रतिबद्ध है।
प्राचीन परंपरा और राष्ट्र की एकता का संगम
संबोधन की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्री कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह प्राचीन काल से ही भारतीय सनातन धर्म की परंपरा, समाज और राष्ट्र की एकता को सशक्त रूप से जोड़ने का माध्यम रही है। उन्होंने कहा कि आदि शंकराचार्य ने जब देश के चारों कोनों में पीठों की स्थापना की थी, तब राजनीतिक इकाइयां अलग थीं, लेकिन सांस्कृतिक रूप से संपूर्ण भारत एक था। आज भी वही सांस्कृतिक चेतना प्रत्येक सनातनी के मन में जीवित है।
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मुख्यमंत्री ने तीर्थ यात्रियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा अत्यंत चुनौतीपूर्ण और आपदाओं से भरी होती है। बावजूद इसके, श्रद्धालुओं की अगाध श्रद्धा हर बाधा पर भारी पड़ती है। उन्होंने कहा कि पहले लोग अपनी मेहनत और पुरुषार्थ से जो अर्जित करते थे, उसे धार्मिक यात्राओं और जरूरतमंदों की सेवा में लगाते थे। आज की सरकार उसी भाव का सम्मान करते हुए यात्रियों को अनुदान देकर उनके संकल्प को बल दे रही है।
गाजियाबाद का 'कैलाश मानसरोवर भवन' बनेगा आधुनिक केंद्र
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में निर्मित कैलाश मानसरोवर यात्रा भवन का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 में सरकार ने इसका निर्माण रिकॉर्ड समय में कराया था।
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नया निर्देश: मुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिया कि यात्रा सीजन के अलावा इस भवन का उपयोग अन्य धार्मिक तीर्थ यात्रियों के लिए भी किया जाए।
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रखरखाव: भवन के संरक्षण और बेहतर रख-रखाव को उन्होंने धार्मिक स्थलों के प्रति सरकार की कृतज्ञता बताया।
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भविष्य की योजना: आने वाले समय में विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय कर गाजियाबाद में सुविधाओं को और अधिक डिजिटल और सुगम बनाया जाएगा।
पर्यटन बनाम तीर्थाटन: आचरण की शुद्धता पर जोर
सीएम योगी ने एक महत्वपूर्ण बात कही कि धार्मिक स्थलों पर जाते समय 'पर्यटन और मनोरंजन' गौण होना चाहिए और 'श्रद्धा भाव' सर्वोपरि। उन्होंने कहा कि जब हम धार्मिक मर्यादा का पालन करते हैं, तो हमारा आचरण आने वाली पीढ़ियों को संस्कारित करता है। सरकार का प्रयास है कि हर तीर्थस्थल पर आधुनिक सुविधाएं हों, लेकिन वहां की पवित्रता और गरिमा बनाए रखना हम सबका सामूहिक उत्तरदायित्व है।
डबल इंजन सरकार और पर्यटन के नए रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में पर्यटन की बदलती तस्वीर के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि:
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वर्ष 2025 में प्रदेश में रिकॉर्ड 164 करोड़ श्रद्धालु आए।
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प्रयागराज महाकुम्भ-2025 में अकेले 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।
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काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या धाम और मथुरा-वृन्दावन में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, जो विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है।
उत्तर-दक्षिण का मिलन: 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 'काशी-तमिल संगमम्' ने उत्तर और दक्षिण भारत के बीच की दूरी को खत्म किया है। उन्होंने इच्छा जताई कि श्रद्धालु काशी से गंगाजल लेकर बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लें और फिर रामेश्वरम धाम की यात्रा करें। रेल मंत्रालय के सहयोग से इस यात्रा को और भी सुगम बनाने के प्रयास जारी हैं, ताकि 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' का निर्माण हो सके।
डिजिटल क्रांति: अब ऐप के माध्यम से होगी यात्रा
मुख्यमंत्री ने पर्यटन और धर्मार्थ कार्य विभाग को 'नवाचार' (Innovation) अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा का सोशल, डिजिटल और प्रिंट मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार किया जाए। साथ ही, यात्रियों की सुविधा के लिए एक समर्पित मोबाइल ऐप (App) तैयार किया जाए, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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