ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में महात्मा गांधी की प्रतिमा खंडित होने पर भारत ने जताई कड़ी आपत्ति..जानिए क्या है पूरा विवाद"
नई दिल्ली। भारत ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर से महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ की गई तोड़फोड़ और उसे हटाए जाने की कड़ी निंदा की है। भारत सरकार ने इस मामले को ऑस्ट्रेलिया के संबंधित अधिकारियों के समक्ष उठाते हुए प्रतिमा की बरामदगी और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार से इस घटना पर “तत्काल कदम” उठाने का आग्रह किया है। मीडिया के सवालों के जवाब में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “मेलबर्न के रोविल स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ अज्ञात लोगों द्वारा की गई तोड़फोड़ और उसे हटाए जाने की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। हमने यह मामला ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के समक्ष मजबूती से उठाया है और उनसे आग्रह किया है कि वे लापता प्रतिमा को जल्द से जल्द बरामद करें और दोषियों को जवाबदेह ठहराएं।”
विदेश मंत्रालय का यह बयान स्थानीय मीडिया में आई उन खबरों के बाद सामने आया, जिनमें दावा किया गया कि रोविल स्थित ऑस्ट्रेलियन इंडियन कम्युनिटी सेंटर से महात्मा गांधी की कांस्य प्रतिमा चोरी कर ली गई है। इस घटना से मेलबर्न में रहने वाले भारतीय समुदाय में गहरी चिंता फैल गई है।
विक्टोरिया पुलिस ने सोमवार को बताया कि नॉक्स क्राइम इन्वेस्टिगेशन यूनिट के अधिकारी इस चोरी की जांच कर रहे हैं। द ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना 12 जनवरी की रात करीब 12:50 बजे (स्थानीय समय) किंग्सले क्लोज स्थित चैरिटी परिसर में हुई, जहां से तीन अज्ञात लोग प्रतिमा को चुरा ले गए।
पुलिस ने स्क्रैप मेटल डीलरों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है और कहा है कि यदि कोई व्यक्ति कांस्य प्रतिमा बेचने की कोशिश करता है तो इसकी तुरंत सूचना दी जाए। इसके अलावा, पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से जुड़ी जानकारी, सीसीटीवी फुटेज या प्रत्यक्ष जानकारी हो तो वे क्राइम स्टॉपर्स से संपर्क करें।
गौरतलब है कि महात्मा गांधी की यह प्रतिमा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद द्वारा उपहार स्वरूप दी गई थी और इसका उद्घाटन वर्ष 2021 में तत्कालीन ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने किया था। यह प्रतिमा ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय के लिए सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और प्रतीकात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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