भारतीय दूतावास ने ईरान में 16 भारतीयों के हिरासत मामले के जल्द ही न्यायिक प्रक्रिया में आने की जताई उम्मीद
नई दिल्ली। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) द्वारा जहाज एमटी वैलियंट रोअर के 16 भारतीय क्रू-मेंबर्स को हिरासत में लिए जाने के मामले में ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने उम्मीद जताई है कि जल्दी ही मामला ईरान में न्यायिक प्रक्रिया के तहत आएगा। मिशन और दूतावास ईरानी अधिकारियों पर क्रू को जल्द से जल्द मिलने की इजाज़त देने और न्यायिक कार्यवाही को तेज़ी से पूरा करने के लिए दबाव डाल रहे हैं।
दूतावास ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि दिसंबर 2025 के मध्य में मिशन को ईरानी अधिकारियों से जहाज एमटी वैलियंट रोअर को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली, जिसमें 16 भारतीय क्रू-मेंबर सवार थे। इसके बाद बंदर अब्बास स्थित भारतीय दूतावास ने 14 दिसंबर को ईरान सरकार को पत्र लिखकर क्रू से मिलने की अनुमति मांगी। तब से अब तक राजनयिक पत्राचार और बंदर अब्बास व तेहरान में आमने-सामने की बैठकों के माध्यम से, राजदूत स्तर तक, कई बार मिलने की अनुमति का अनुरोध किया गया है। इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों से क्रू-मेंबर्स को भारत में अपने परिवारों से बात करने की अनुमति देने का भी आग्रह किया गया है।
दूतावास ने 15 दिसंबर को जहाज की मालिक यूएई स्थित कंपनी से संपर्क किया और उसके ईरान स्थित एजेंटों के साथ समन्वय बनाए रखा। मिशन ने कंपनी पर जहाज के लिए भोजन, पानी और ईंधन की व्यवस्था करने तथा ईरानी अदालतों में क्रू के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का दबाव बनाया। जहाज पर भोजन और पानी का भंडार कम होने की जानकारी मिलने पर जनवरी की शुरुआत में भारतीय मिशन ने ईरानी नौसेना से हस्तक्षेप कर आपात आपूर्ति की व्यवस्था करवाई। दुबई स्थित भारतीय दूतावास भी जहाज मालिक कंपनी पर नियमित आपूर्ति और कानूनी सहायता सुनिश्चित करने के लिए दबाव बना रहा है।
दूतावास के बयान में कहा गया है कि उम्मीद है कि जल्दी ही यह मामला ईरान में न्यायिक प्रक्रिया के तहत आएगा। हालांकि, भारतीय मिशन और दूतावास लगातार ईरानी अधिकारियों से क्रू-मेंबर्स से जल्द मुलाकात की अनुमति देने और न्यायिक कार्यवाही को शीघ्र पूरा करने का आग्रह कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि ईरानी अधिकारियों ने जहाज पर 6,000 मीट्रिक टन ईंधन की तस्करी का आरोप लगाया था, जिसके बाद 8 दिसंबर 2025 को आईआरजीसी ने जहाज और उसमें सवार 16 भारतीय क्रू-मेंबर्स को हिरासत में लिया था।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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