'विपक्ष को बोलने नहीं दिया जाता, सरकार घोंट रही लोकतंत्र का गला': स्पीकर ओम बिरला के पक्षपात पर सांसद इकरा हसन का बड़ा हमला
सदन के भीतर विपक्ष को संरक्षण न मिलने पर जताई नाराजगी; यूपी में बीजेपी के करीबी लोगों को 'वीआईपी ट्रीटमेंट' मिलने का लगाया आरोप
नई दिल्ली। कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की कार्यशैली और केंद्र सरकार के तानाशाही रवैये को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि स्पीकर पूरे सदन के संरक्षक होते हैं, लेकिन वर्तमान में विपक्ष को उनका संरक्षण नहीं मिल पा रहा है। इकरा हसन ने आरोप लगाया कि सदन के भीतर विपक्ष की आवाज को जानबूझकर दबाया जा रहा है और नेता प्रतिपक्ष तक को अपनी बात रखने से बार-बार रोका जाता है, जो लोकतंत्र के लिए एक बेहद चिंताजनक संकेत है।
संसदीय परंपराओं का हवाला देते हुए इकरा हसन ने कहा, "विपक्ष के नेता का पद अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जिन्हें 'शैडो प्राइम मिनिस्टर' के रूप में जाना जाता है। लोकतंत्र की खूबसूरती ही सवाल-जवाब में निहित है और इसे जीवित रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी स्पीकर की है। हम मांग करते हैं कि विपक्ष को भी बराबर का मौका दिया जाए।" उन्होंने बजट सत्र के दौरान सरकार पर चर्चा से भागने का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपने गलत कामों को छिपाने के लिए सदन की कार्यवाही को बाधित कर रही है, जबकि बजट जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विपक्ष के सवालों का जवाब देना सरकार का संवैधानिक दायित्व है।
इकरा हसन ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी से जुड़े लोगों और सत्ता के करीबियों को खुलेआम 'वीआईपी ट्रीटमेंट' दिया जा रहा है। सरकार के संरक्षण में कानून व्यवस्था का मजाक बनाया जा रहा है। इकरा हसन ने विश्वास जताते हुए कहा कि जिस तरह से सत्ता का दुरुपयोग हो रहा है, उत्तर प्रदेश की जनता इसे देख रही है और साल 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को करारा जवाब देगी।
सपा सांसद का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सदन के भीतर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच टकराव चरम पर है। इकरा हसन ने स्पष्ट किया कि विपक्ष लोकतंत्र को बचाने के लिए अपनी आवाज उठाना जारी रखेगा और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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