मुजफ्फरनगर में शहर कोतवाली में पुलिस मुठभेड़, दो गोकश भाई घायल, 50 किलो गोमांस व कार बरामद
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर पुलिस ने अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुठभेड़ के दौरान दो शातिर गोकश भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों आरोपी घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके से पुलिस ने 50 किलो गोमांस, गोवंशीय अवशेष, घटना में प्रयुक्त ऑल्टो कार और अवैध हथियार बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई।
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घटना 18-19 नवंबर की मध्य रात्रि की है। थाना कोतवाली नगर प्रभारी निरीक्षक बबलू सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम शेरपुर से बामनहेड़ी मार्ग पर गश्त कर रही थी।
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घटनाक्रम: एक संदिग्ध ऑल्टो कार (DL 05 CC 9969) को चेकिंग के लिए रोका गया। कार रुकते ही उसमें से तीन व्यक्ति उतरे और पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी और जंगल की ओर भागने लगे।
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जवाबी फायरिंग: बदमाशों द्वारा फायरिंग जारी रखने पर पुलिस ने घेराबंदी की और आत्मरक्षा में गोली चलाई।
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गिरफ्तारी: पुलिस फायरिंग में दो बदमाश घायल होकर गिर पड़े। उनकी पहचान हकीकत और नजाकत (दोनों पुत्र मौसम अली, निवासी ग्राम शेरपुर) के रूप में हुई है।
बरामदगी और पूछताछ
घायल गोकशों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से निम्नलिखित चीजें बरामद की गईं:
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बरामद माल: लगभग 50 किलो गोमांस, एक गोवंशीय सिर, कटान के उपकरण (दाब, दो छुरे, लकड़ी का गुटका, रस्सी)।
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वाहन और हथियार: एक ऑल्टो कार (DL 05 CC 9969) और दो तमंचे मय कारतूस।
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स्वीकारोक्ति: गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे गोकशी का धंधा करते हैं और फरार साथी के साथ मिलकर गोकशी कर अवशेष फेंकने तथा मांस बेचने के लिए जा रहे थे।
फरार आरोपी की तलाश जारी
मुठभेड़ के दौरान एक तीसरा आरोपी नदीम पुत्र इरशाद (निवासी शेरपुर) अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस टीमें उसकी तलाश में जुट गई हैं।
पुलिस ने बरामद गोमांस की पशु चिकित्सक से जांच कराई, जिसमें प्रथम दृष्टया गोमांस होने की पुष्टि हुई। आरोपियों के खिलाफ गौवध निवारण अधिनियम, आयुध अधिनियम और IPC की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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