एसजे अपलिफ्ट कबड्डी के संस्थापक संभव जैन की दूरदर्शी पहल से बदली उत्तर प्रदेश कबड्डी की तस्वीर



नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में कबड्डी को संगठित पहचान और पेशेवर दिशा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश कबड्डी लीग (यूपीकेएल) ने बेहद कम समय में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। इस लीग ने जमीनी स्तर के खिलाड़ियों के लिए अवसरों का ऐसा सशक्त मंच तैयार किया है, जिसने राज्य की कबड्डी प्रतिभा को नई उड़ान दी है और उसे बड़े मंचों तक पहुंचने का रास्ता दिखाया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के सूत्रधार हैं एसजे अपलिफ्ट कबड्डी के संस्थापक संभव जैन, जिनकी दूरदर्शी सोच ने इस पारंपरिक खेल को आधुनिक और पेशेवर खेल संरचना से सफलतापूर्वक जोड़ा है।

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यूपीकेएल के सफल दूसरे सीजन के बाद हिन्दुस्थान समाचार ने संभव जैन से लीग की शुरुआत, इसके विकास, सीजन 2 के अनुभव, सामने आई चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं को लेकर विस्तार से बातचीत की है। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश…..

प्रश्न- यूपीकेएल की शुरुआत कैसे हुई? इसे शुरू करने के पीछे क्या सोच और उद्देश्य था?

जवाब- लीग की स्थापना जमीनी स्तर से उभरने वाले कबड्डी खिलाड़ियों के लिए एक संरचित और पेशेवर मंच तैयार करने की सोच के साथ की गई थी। उप्र ऐतिहासिक रूप से कबड्डी के सबसे मजबूत राज्यों में से एक रहा है, लेकिन यहां के कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नियमित एक्सपोजर, संगठित प्रतियोगिताएं और स्थानीय टूर्नामेंट से आगे बढ़ने का स्पष्ट मार्ग नहीं मिल पाता था। यूपीकेएल की परिकल्पना इसी अंतर को पाटने के लिए की गई। इसका उद्देश्य केवल एक लीग आयोजित करना नहीं था, बल्कि ऐसा इकोसिस्टम बनाना था, जहां युवा खिलाड़ी वरिष्ठ और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकें, पेशेवर मानकों को समझ सकें और उच्च स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खुद को तैयार कर सकें। कबड्डी की घरेलू नींव को मजबूत करना इस दृष्टि का केंद्रीय तत्व रहा है।

प्रश्न- सीजन 2 का आपका कुल अनुभव कैसा रहा? क्या यह आपकी अपेक्षाओं पर खरा उतरा?

जवाब- सीजन 2 का अनुभव बेहद सकारात्मक रहा और कई मायनों में इसने हमारी अपेक्षाओं से बेहतर प्रदर्शन किया। खेल के स्तर पर लीग में तीव्रता, प्रतिस्पर्धा और मैच क्वालिटी में स्पष्ट वृद्धि देखने को मिली। हमने शानदार वापसी वाले मुकाबले, करीबी संघर्ष और हाई-स्कोरिंग मैच देखे, जो लीग की बढ़ती परिपक्वता को दर्शाते हैं। मैदान के बाहर भी सीजन 2 उल्लेखनीय रहा। अभिनेता तुषार कपूर का फ्रेंचाइजी सह-मालिक के रूप में जुड़ना, विश्व कप विजेता कबड्डी खिलाड़ी अनु सेन की मौजूदगी, पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा का दौरा और फाइनल के दौरान इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन के डायरेक्टर तेजस्वी सिंह गहलोत की उपस्थिति आदि सभी ने यूपीकेएल की खेल, सांस्कृतिक और संस्थागत स्तर पर बढ़ती प्रासंगिकता को रेखांकित किया।

प्रश्न- सीजन एक की तुलना में सीजन 2 में कौन-से प्रमुख नए बदलाव या सुधार देखने को मिले?

जवाब - सीजन 2, यूपीकेएल के लिए पैमाने और संरचना दोनों के लिहाज से एक बड़ा कदम साबित हुआ। लीग का विस्तार 12 टीमों तक किया गया, जिसमें चार नई फ्रेंचाइजियां- अलीगढ़ टाइगर्स, कानपुर वॉरियर्स, पूर्वांचल पैंथर्स और गजब गाजियाबाद शामिल हुईं। इससे नई प्रतिद्वंद्विताएं, व्यापक क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और प्रतिस्पर्धा की गहराई बढ़ी। इसके अलावा फैन्स के लिए अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से टिकटिंग के लिए लाइव योर सीटी के साथ साझेदारी की गई, जिससे प्रवेश प्रक्रिया आसान हुई। जी नेटवर्क के साथ तीन साल का ब्रॉडकास्ट एसोसिएशन हासिल करना लीग के लिए एक अहम उपलब्धि रही, जिसने दीर्घकालिक स्थिरता और दृश्यता सुनिश्चित की। आगे भी यह विस्तार जारी रहेगा।

प्रश्न-इस सीजन में प्रमुख चुनौतियां क्या रहीं और उन्हें कैसे सुलझाया गया?

जवाब- लीग के विस्तार के साथ कई चुनौतियां सामने आईं, जैसे लॉजिस्टिक्स, कड़ा शेड्यूल और लंबे सीजन में खिलाड़ियों की फिटनेस व सुरक्षा सुनिश्चित करना। नई टीमों को जोड़ते समय प्रतिस्पर्धात्मक संतुलन बनाए रखना भी एक अहम पहलू था। इन चुनौतियों से निपटने के लिए बेहतर योजना, फ्रेंचाइजियों के साथ मजबूत समन्वय, उन्नत ऑपरेशनल सिस्टम और खिलाड़ी कल्याण पर विशेष ध्यान दिया गया। हर चुनौती से हमें भविष्य के सीजन के लिए महत्वपूर्ण सीख मिली।

प्रश्न-टीमों की बढ़ती संख्या लोकप्रियता को दर्शाती है। आप इस विकास को कैसे देखते हैं?

जवाब- टीमों की संख्या में वृद्धि यूपीकेएल पर बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। 1.44 करोड़ के कुल पर्स और 12 लाख प्रति टीम बजट के साथ आयोजित खिलाड़ी नीलामी ने पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी माहौल तैयार किया। इसके अलावा, फैन एंगेजमेंट, वेन्यू एक्सपीरियंस और लीग स्टोरीटेलिंग पर भी विशेष ध्यान दिया गया। यूपीकेएल अब केवल मैचों का आयोजन नहीं है, बल्कि यह टीमों, खिलाड़ियों और प्रतिद्वंद्विताओं के जरिए फैन्स से जुड़ने वाला एक सशक्त प्लेटफॉर्म बन चुका है।

प्रश्न- इस सीजन में कौन-सी टीम सबसे अधिक प्रभावित करने वाली रही?

जवाब- इस सीजन की सबसे बड़ी खासियत समग्र प्रतिस्पर्धा रही। लगभग हर टीम ने वापसी करने, रणनीति बदलने और मजबूत विरोधियों को चुनौती देने की क्षमता दिखाई। हार के बाद भी वापसी करने वाली टीमों का जज्बा और विश्वास सबसे प्रभावशाली पहलुओं में से एक रहा, जिसने लीग को बेहद संतुलित और रोमांचक बना दिया।

प्रश्न- राष्ट्रीय स्तर के लिए युवा खिलाड़ियों को तैयार करने में यूपीकेएल को आप कैसे देखते हैं?

जवाब- यूपीकेएल युवा खिलाड़ियों को एक उच्च-दबाव वाले पेशेवर माहौल में खेलने का अवसर देता है, जहां वे राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। इससे उनका मैच सेंस, मानसिक मजबूती और अनुशासन विकसित होता है। इस सीजन में शिवम चौधरी द्वारा एक मैच में 43 रेड पॉइंट्स का रिकॉर्ड दर्ज करना इसका बेहतरीन उदाहरण रहा। ऐसे प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हैं और लीग में मानकों को लगातार ऊपर ले जाते हैं।

प्रश्न- क्या कोई खिलाड़ी ऐसा रहा जिसने आपको विशेष रूप से चौंकाया या प्रभावित किया?

जवाब- इस सीजन में कई खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिनमें ऋतिक शर्मा, उदय डाबस, पंकज ठाकुर, वरुण, मोहम्मद अमन, शिवम तेवतिया और मयंक मलिक शामिल हैं। दबाव में निरंतर प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता विशेष रूप से प्रभावशाली रही। वरिष्ठ खिलाड़ियों को बदलती भूमिकाओं में ढलते देखना और डिफेंस व रणनीति में योगदान देना भी उत्साहजनक रहा।

प्रश्न- इस सीजन में दर्शकों और फैन्स की प्रतिक्रिया को आप कैसे आंकते हैं?

जवाब- दर्शकों की प्रतिक्रिया असाधारण रही। हमने देखा कि समर्थक बसों में भरकर एक साथ स्टेडियम पहुंचे, अपनी टीमों के लिए नारे लगाए और माहौल को जीवंत बना दिया। यह सामूहिक भागीदारी कबड्डी और समुदायों के बीच गहरे जुड़ाव को दर्शाती है, जो इस खेल की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है।

प्रश्न- क्या भविष्य में महिला कबड्डी लीग शुरू करने की कोई योजना है?

जवाब- हां, महिला कबड्डी लीग को लेकर विचार चल रहा है। यूपीकेएल इकोसिस्टम के तहत महिलाओं के लिए एक संरचित और टिकाऊ मंच तैयार करना उद्देश्य है, जो उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक अवसर प्रदान कर सके।

प्रश्न- क्या आपको सरकार या खेल संस्थानों से सहयोग मिल रहा है?

जवाब- हां, सीजन 2 के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार और संबंधित प्राधिकरणों से सकारात्मक सहयोग प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लीग और उसके उद्देश्यों को समर्थन दिया, विशेष रूप से राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को अवसर प्रदान करने के संदर्भ में। इस सहयोग से इंफ्रास्ट्रक्चर, अनुमति और आयोजन से जुड़ी प्रक्रियाओं में समन्वय आसान हुआ। यूपीकेएल एक स्वतंत्र रूप से संचालित लीग है, जो खेल विकास से जुड़े संस्थानों के साथ पारदर्शी तरीके से कार्य करती है।

प्रश्न- अगले सीजन को और बड़ा व बेहतर बनाने के लिए आपकी क्या योजनाएं हैं?

जवाब- हमारा फोकस सुदृढ़ीकरण और संतुलित विकास पर है। प्रतिस्पर्धा को और मजबूत करना, फैन अनुभव को बेहतर बनाना, जमीनी स्तर से जुड़ाव गहरा करना और पहुंच का विस्तार करना है। यूपीकेएल के अलावा, दृष्टि वैश्विक स्तर पर वर्ल्ड सुपर कबड्डी लीग के माध्यम से कबड्डी को नए देशों तक ले जाने की है, जहां भारतीय खिलाड़ी इस खेल को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करेंगे।

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लेखक के बारे में

अर्चना सिंह | Online News Editor | Royal Bulletin Picture

मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।

वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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