उदय भानु की मां ने प्रदर्शन को बताया लोकतांत्रिक अधिकार, बोलीं-देश तो गलगोटिया यूनिवर्सिटी की वजह से शर्मसार हुआ
नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित हुए एआई इम्पैक्ट समिट में यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर बवाल जारी है। इस बीच पटियाला कोर्ट ने यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को मंगलवार को 4 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया, जिसको लेकर कांग्रेस हमलावर है और सत्ताधारी एनडीए सरकार पर जानबूझकर तानाशाही रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगा रही है।
इस बीच उदय भानु चिब की मां रजनीबाला ने अपनी प्रतिक्रिया दी। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मां रजनीबाला ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "उदय भानु चिब को सोमवार को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने प्रदर्शन को साजिश बताया, लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा है कि देश में विरोध करना कब से साजिश होने लगा। संविधान में हमें हक दिया गया है कि अगर सरकार कोई गलत काम करे, तो आवाज बुलंद करें।" ऐसा कहा जा रहा है कि इसमें उदयभानु का हाथ है। वो यूथ कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष है, तो यह सभी को पता होना चाहिए कि ऐसा उसी के कहने पर होगा। यूथ कांग्रेस के जितने नेता हैं, सभी साथ में बैठकर विचार करते हैं और प्रदर्शन करते हैं। हमें पता नहीं कि सरकार ने इस घटना को दिल पर क्यों ले लिया। उन्होंने यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री के कांग्रेस को पूरी तरह निर्वस्त्र होने वाले बयान पर निशाना साधते हुए कहा, "एआई समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन से एक दिन पहले ही पूरा देश शर्मसार हो चुका था, जब गलगोटिया वालों ने चाइना के रोबोट को अपना इनोवेशन बताकर विदेशों से आए डेलिगेट्स के सामने पेश किया। सरकार के कई सारे लोग उस यूनिवर्सिटी पर बहुत मेहरबानी करते हैं।
यूनिवर्सिटी ने पूरी दुनिया में भारत का नाम बदनाम किया है, ऐसे में उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। उनके पास साइंस और टेक्नोलॉजी में करने को कुछ नहीं है, सिर्फ दूसरों की चीजों को अपना बता रहे हैं। बच्चों ने अगर शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया है, तो उसमें कोई बात नहीं है। महात्मा गांधी भी पहले सिर्फ धोती पहनकर ही प्रदर्शन करते थे।" रजनीबाला ने कहा, "कांग्रेस का इतिहास रहा है कि लोग 10-10 साल तक जेल में रहे। कांग्रेस नेताओं की बड़ी कुर्बानियों के बाद देश को आजादी मिली है। 11 साल पहले देश में कितने प्रदर्शन होते थे, लेकिन कांग्रेस की सरकार ने कभी प्रदर्शन को दबाने का काम नहीं किया। देश में लोकतंत्र है और सभी को बोलने की आजादी है।"
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