'यादव जी की लव स्टोरी' के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, रिलीज पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर
नई दिल्ली। आने वाली फिल्म 'यादव जी की लव स्टोरी' को लेकर चल रहा विवाद अब बढ़ता जा रहा है। इस फिल्म के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है, जिसमें फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने और इसके टाइटल को बदलने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया है कि अगर यह फिल्म मौजूदा नाम से रिलीज होती है, तो इससे जातिगत तनाव बढ़ सकता है और सामाजिक सद्भावना को नुकसान पहुंच सकता है। याचिका में कहा गया कि फिल्म के कंटेंट और टाइटल से एक खास समुदाय को लेकर नकारात्मक धारणा बन सकती है। फिल्म में जाति सूचक शब्द 'यादव जी' का जानबूझकर इस्तेमाल किया गया है।
ये भी पढ़ें मीरापुर: शादी का जश्न पड़ा भारी, बैंकट हॉल में खाना खाने के बाद सैकड़ों मेहमानों की बिगड़ी तबीयतइसमें यादव समाज को जिस तरह दिखाया गया है, वह गलत, घिसी-पिटी छवि पेश करता है और समाज में दुश्मनी की भावना को बढ़ावा दे सकता है। याचिका में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड पर भी सवाल उठाए गए हैं। कहा गया कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देते समय इस संवेदनशील पहलू को नजरअंदाज कर दिया। बोर्ड को यह देखना चाहिए था कि क्या फिल्म का टाइटल और कंटेंट किसी समुदाय विशेष की भावनाओं को आहत कर सकती है। याचिका में उल्लेख किया गया है कि देश के कई हिस्सों से इस फिल्म के खिलाफ विरोध की रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं। यादव समुदाय के लोग अलग-अलग जिलों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं और फिल्म के नाम और कहानी पर आपत्ति जता रहे हैं। गौरतलब है कि 'यादव जी की लव स्टोरी' की कहानी एक अंतरधार्मिक रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है।
फिल्म में सिंपल यादव नाम की लड़की और वसीम अख्तर नाम के युवक की प्रेम कहानी दिखाई गई है, जिसमें सामाजिक दबाव, परिवार की मर्जी और धर्म की दीवारें अहम भूमिका निभाती हैं। इस कहानी को लेकर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। कहीं यादव समाज के संगठनों ने ज्ञापन सौंपे, तो कहीं नेताओं ने जुलूस निकाले। कुछ जिलों में फिल्म के निर्माता, निर्देशक और कलाकारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई। सोशल मीडिया पर भी फिल्म के ट्रेलर और टाइटल को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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