मेडिकल स्टोर संचालक को हिरासत में रखना पड़ा भारी, सर्विलांस सेल प्रभारी समेत पांच पुलिस कर्मी निलम्बित
मुरादाबाद। प्रतिबंधित दवाइयां रखने का आरोप लगाकर सदर कोतवाली क्षेत्र एक मेडिकल स्टोर संचालक को हिरासत में रखना सर्विलांस सेल प्रभारी समेत पांच पुलिस कर्मियों को महंगा पड़ गया। मामले में शिकायत मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने जांच कराई। जिसके बाद एसएसपी ने मंगलवार काे पांचों पुलिस कर्मियों को निलम्बित कर दिया। इनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
ये भी पढ़ें मीरापुर: शादी का जश्न पड़ा भारी, बैंकट हॉल में खाना खाने के बाद सैकड़ों मेहमानों की बिगड़ी तबीयतमिली जानकारी के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतापल अंतिल से जो शिकायत की गई थी उसके अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के फीलखाना रेती स्ट्रीट निवासी उवैद कुरैशी के मेडिकल स्टोर पर एक माह पहले सर्विलांस सेल की टीम ने छापा मारा था। टीम ने खुद को उड़नदस्ता, ड्रग विभाग की टीम बताकर कार्रवाई की थी। टीम में शामिल रहे सर्विलांस सेल प्रभारी वीर बोस, सिपाही शिवम चिकारा, विपिन शर्मा, यश दहिया और मनोज यादव मेडिकल संचालक पर प्रतिबंधित दवाइयां रखने और बेचने का आरोप लगाते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया था।
आरोप है कि इस दौरान टीम ने मेडिकल स्टोर के सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और डीवीआर भी उखाड़ ली थी। हिरासत में लिए गए उवैद कुरैशी को छोड़ने की एवज में एक लाख रुपये की मांग की गई थी। लम्बी चर्चा और बातचीत के बाद पीड़ित ने 40 हजार रुपये दे दिए। इसके बाद टीम ने उन्हें छोड़ दिया था। टीम के जाने के बाद पीड़ित ने इस पूरे मामले की जानकारी अपने अधिवक्ता भाई जमशेद कुरैशी को दी। जमशेद कुरैशी ने इस मामले की शिकायत एसएसपी सतपाल अंतिम से की। एसएसपी ने सीओ कटघर से मामले की जांच कराई।
पीड़ित ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी सीओ को उपलब्ध कराई। फुटेज से पुष्टि हुई कि टीम मेडिकल स्टोर पर पहुंची थी और उवैद कुरैशी को हिरासत में भी लिया था। मंगलवार को जांच रिपोर्ट मिलने के बाद एसएसपी सर्विलांस टीम के प्रभारी वीर बोस, सिपाही शिवम चिकारा, विपिन शर्मा, यश दहिया, मनोज यादव को निलंबित कर दिया। सभी के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि मेडिकल स्टोर संचालक और उनके भाई ने टीम की शिकायत की थी। इस मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट के आधार पर सर्विलांस टीम के प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलम्बित किया गया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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