अमरोहा में गन्ना किस्म विवाद को लेकर किसानों का चक्का जाम, मिल प्रबंधन पर तानाशाही के आरोप
अमरोहा। जनपद में गन्ना किस्म की पहचान को लेकर किसानों और मिल प्रबंधन के बीच विवाद गहरा गया है। मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन (असली) के बैनर तले दर्जनों किसानों और कार्यकर्ताओं ने तहसील के सामने बिजनौर-बदायूं स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने गन्ना विभाग और मिल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। किसानों का कहना है कि उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे उनमें आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
05009 और 05011 गन्ना किस्म को लेकर विवाद का मुख्य कारण
यह पूरा विवाद गन्ना किस्म 05009 और 05011 की पहचान को लेकर उत्पन्न हुआ है। भारतीय किसान यूनियन (असली) के पदाधिकारियों का आरोप है कि मिल प्रबंधन जानबूझकर गन्ना किस्म 05009 को 05011 के रूप में दर्ज कर रहा है। किसानों का कहना है कि 05009 किस्म ‘अगैती प्रजाति’ (Early Variety) की श्रेणी में आती है, जिससे उन्हें अधिक लाभ और उचित मूल्य मिलना चाहिए। किसानों का आरोप है कि किस्म की गलत पहचान करके उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है और उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।
जांच रिपोर्ट को लेकर किसानों ने उठाए सवाल
गन्ना विभाग अमरोहा द्वारा इस मामले की जांच मुजफ्फरनगर के वैज्ञानिकों से कराई गई थी। हालांकि, किसानों ने इस जांच रिपोर्ट पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए इसे फर्जी करार दिया है। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। किसानों का आरोप है कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और मिल प्रबंधन के पक्ष में रिपोर्ट तैयार की गई है।
चेतावनी के बावजूद मौके पर नहीं पहुंचे सक्षम अधिकारी
भारतीय किसान यूनियन (असली) के पदाधिकारियों ने बताया कि उन्होंने 9 फरवरी को आयोजित बैठक में ही प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दे दी थी कि यदि उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसके बावजूद प्रदर्शन स्थल पर गन्ना विभाग का कोई भी सक्षम अधिकारी नहीं पहुंचा, जिससे किसानों का आक्रोश और बढ़ गया। किसानों का कहना है कि जब तक उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचकर रिपोर्ट की सच्चाई स्पष्ट नहीं करते और उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन ने शुरू की वार्ता, तहसीलदार ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार मूसा राम थारु मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने के लिए किसानों को सड़क से हटाकर वार्ता के लिए ब्लॉक परिसर में बुलाया गया। खबर लिखे जाने तक तहसीलदार यूनियन के नेताओं के साथ बातचीत कर रहे थे और समाधान निकालने का प्रयास जारी था। प्रशासन ने किसानों को उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया है।
कई किसान नेताओं ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व
इस धरना प्रदर्शन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (असली) के प्रमुख पदाधिकारियों और नेताओं ने किया। इनमें डूंगर सिंह, जसपाल सिंह, कामिल, जगदीश यादव, फतेह सिंह, रामवीर सिंह, नरेश चौधरी, जुल्फीकार मलिक और सचिन कौशिक सहित दर्जनों किसान कार्यकर्ता शामिल रहे। किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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