मुरादाबाद में भाजपा महिला मोर्चा का विरोध, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, एआई समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में उठाई आवाज
मुरादाबाद। जिले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा महानगर इकाई ने एआई समिट के दौरान हुए कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में कड़ा रुख अपनाया। महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए इस घटना पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार का प्रदर्शन लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं के विरुद्ध है और इससे देश की राजनीतिक गरिमा प्रभावित होती है।
लोकतांत्रिक परंपराओं और महिलाओं के सम्मान को बताया आहत
महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि इस तरह की घटनाएं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संसदीय मर्यादाओं को ठेस पहुंचाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंच पर इस प्रकार का व्यवहार महिलाओं की भावनाओं को आहत करता है और समाज में गलत संदेश देता है। महिला मोर्चा का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का आचरण समाज के लिए उदाहरण होता है, इसलिए इस प्रकार की घटनाएं विशेष रूप से चिंताजनक हैं।
ज्ञापन में रखी गईं चार प्रमुख मांगें
महिला मोर्चा ने ज्ञापन के माध्यम से चार प्रमुख मांगें प्रशासन और राष्ट्रपति के समक्ष रखीं। पहली मांग में प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की अपील की गई है। दूसरी मांग में भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने की बात कही गई है। तीसरी मांग के तहत संसद की गरिमा और महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए दोषियों के खिलाफ उचित दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है। चौथी मांग में आरोपित सांसदों की सांसद निधि पर उनके वर्तमान कार्यकाल तक रोक लगाने का भी अनुरोध किया गया है।
राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप की अपील
महिला मोर्चा पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति से इस मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। संगठन ने उम्मीद जताई कि इस मामले में उचित कदम उठाए जाएंगे, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों और महिलाओं के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
लोकतांत्रिक मर्यादाओं की रक्षा पर दिया जोर
भाजपा महिला मोर्चा ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि सभी राजनीतिक दल और उनके प्रतिनिधि संसदीय मर्यादाओं का पालन करें। उन्होंने प्रशासन और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं से अपेक्षा जताई कि इस मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का विश्वास बना रहे।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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