गाजियाबाद: 30 लाख की सनसनीखेज लूट निकली फर्जी, कर्ज से बचने के लिए रची थी साजिश, तीन 'साजिशकर्ता' गिरफ्तार

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद की मोदीनगर पुलिस ने 17 मार्च की रात हुई कथित बड़ी लूट का चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस की सघन जांच में सामने आया है कि 30 लाख रुपये की लूट की वह वारदात महज एक मनगढ़ंत कहानी थी, जिसे कर्ज के बोझ से दबे तीन प्रॉपर्टी डीलरों ने मिलकर रचा था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 19 लाख रुपये की नकदी बरामद कर ली है।
बाइक सवार बदमाशों द्वारा लूट की दी थी सूचना
ये भी पढ़ें सोशल फाउंडेशन ने “अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस” के उपलक्ष्य में किया भाषण प्रतियोगिता का आयोजनघटनाक्रम के अनुसार, 17 मार्च की रात प्रवीण कुमार गुप्ता, आयुष और जहीर नामक तीन युवकों ने पुलिस को सूचना दी थी कि जब वे अपनी कार से गुजर रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। युवकों का आरोप था कि बदमाश कार में रखे 30 लाख रुपये से भरा थैला लूटकर फरार हो गए हैं। इतनी बड़ी रकम की लूट की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नाकाबंदी शुरू कर दी गई।
ये भी पढ़ें अधिवक्ता सम्मान बचाओं संघर्ष समिति ने 19 मार्च को जनरल बॉडी की बुलाई बैठक, धरना- प्रर्दशन रहा जारीपूछताछ में खुला राज: प्रॉपर्टी डील के पैसे हड़पने का था प्लान
ये भी पढ़ें दिल्ली: एक्यूआई पहुंचा ‘खराब’ श्रेणी में, मौसम से सुधार के संकेत, ग्रैप लागू नहीं करने का फैसलाडीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी के निर्देशन में जब पुलिस ने मामले की गहराई से पड़ताल शुरू की, तो पीड़ितों के बयानों में विरोधाभास नजर आया। संदेह होने पर जब पुलिस ने तीनों युवकों से कड़ाई से पूछताछ की, तो वे टूट गए और अपनी पूरी साजिश उगल दी। आरोपियों ने कुबूल किया कि वे प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं और हाल ही में हुई एक डील के तहत उन्हें दूसरी पार्टी को 20 लाख रुपये देने थे। भारी कर्ज के कारण उन्होंने योजना बनाई कि अगर वे लूट की झूठी कहानी गढ़ दें, तो वे यह रकम खुद रख सकेंगे।
19 लाख बरामद, साजिशकर्ताओं पर कानूनी शिकंजा
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर 20 लाख रुपये में से 19 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं, जबकि शेष एक लाख रुपये आरोपियों ने खर्च करने की बात स्वीकार की है। डीसीपी ग्रामीण ने पुलिस टीम की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि फर्जी सूचना देकर पुलिस के संसाधनों और समय को बर्बाद करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी और पुलिस को गुमराह करने की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली की चर्चा हो रही है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

टिप्पणियां