इलाहाबाद हाई कोर्ट से डॉ. नूतन ठाकुर को बड़ी राहत; 25 साल पुराने मामले में मिली अग्रिम जमानत

प्रयागराज/देवरिया। आजाद अधिकार सेना की राष्ट्रीय महासचिव, प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता डॉ. नूतन ठाकुर के लिए न्यायपालिका से एक बड़ी और सुखद खबर सामने आई है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने देवरिया जनपद से जुड़े एक 25 साल पुराने प्रकरण में डॉ. ठाकुर की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिससे उन्हें संभावित गिरफ्तारी से बड़ी राहत मिली है।
क्या है पूरा मामला?
यह कानूनी विवाद वर्ष 1999 का है, जब डॉ. नूतन ठाकुर के पति और पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर देवरिया में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात थे। आरोप लगाया गया था कि उनके कार्यकाल के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में "नूतन देवी" के नाम से एक प्लॉट का आवंटन हुआ था। इसी मामले को आधार बनाकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई थी।
उल्लेखनीय है कि इसी प्रकरण में आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर को पूर्व में जेल भी जाना पड़ा था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। अब इसी कड़ी में डॉ. नूतन ठाकुर को भी उच्च न्यायालय से राहत प्राप्त हुई है।
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जितेंद्र सिन्हा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई की। डॉ. नूतन ठाकुर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता इमरान उल्लाह और विनीत विक्रम ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखते हुए अग्रिम जमानत की मांग की। न्यायालय ने दलीलों पर विचार करने के बाद डॉ. ठाकुर को गिरफ्तारी से संरक्षण प्रदान करते हुए याचिका स्वीकार कर ली।
संगठन ने बताया 'न्याय की जीत'
आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय संगठन मंत्री देवेन्द्र सिंह राणा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध के विरुद्ध न्याय की महत्वपूर्ण जीत बताया है। संगठन का कहना है कि:
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डॉ. नूतन ठाकुर लंबे समय से भ्रष्टाचार विरोध, महिला अधिकार और पारदर्शिता के लिए संघर्षरत रही हैं।
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यह निर्णय न्यायपालिका की स्वतंत्रता और पारदर्शिता का प्रतीक है।
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संगठन ने संकल्प दोहराया है कि वे फर्जी मुकदमों और सत्ता के दुरुपयोग के खिलाफ अपने संघर्ष को और तेज करेंगे।
इस फैसले के बाद आजाद अधिकार सेना के कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर है। संगठन ने सभी सदस्यों से संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा हेतु एकजुट रहने की अपील की है।
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