गाजियाबाद: पुलिस उत्पीड़न से त्रस्त हरियाणवी डांसर का धर्मांतरण का ऐलान, हिंदू संगठनों और विधायक पर अनदेखी का आरोप

गाजियाबाद (लोनी)। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जनपद के लोनी क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रसिद्ध हरियाणवी डांसर ने पुलिसिया उत्पीड़न और अपनों की बेरुखी से तंग आकर हिंदू धर्म त्यागने और मुस्लिम धर्म अपनाने का मन बना लिया है। महिला का आरोप है कि रक्षक ही भक्षक बन गए हैं और जब उसने मदद की गुहार लगाई, तो किसी ने उसका साथ नहीं दिया।
पुलिस पर गंभीर आरोप: भाई के एनकाउंटर की धमकी
महिला ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि पिछले एक महीने से स्थानीय पुलिस उसे और उसके परिवार को लगातार प्रताड़ित कर रही है। महिला के अनुसार, कुछ समय पहले पुलिस ने उसके भाई को किसी मामले में गिरफ्तार किया था। जब उसने गिरफ्तारी का कारण पूछा, तो पुलिस ने स्पष्ट जानकारी देने के बजाय कथित तौर पर उसके भाई का 'एनकाउंटर' करने की धमकी दी।
विधायक और हिंदू संगठनों से नहीं मिली मदद
पीड़िता का कहना है कि वह न्याय की उम्मीद में लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर के पास भी पहुंची, लेकिन वहां से भी उसे कोई ठोस आश्वासन या संतोषजनक जवाब नहीं मिला। महिला ने हिंदू संगठनों से भी संपर्क साधा, पर वहां भी उसे निराशा हाथ लगी। महिला ने भावुक होते हुए कहा, "प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री हिंदू हैं, फिर भी हिंदू समाज एक-दूसरे की मदद के लिए एकजुट नहीं होता, जबकि दूसरे समुदाय के लोग संकट के समय साथ खड़े दिखाई देते हैं।"
दूसरे समुदाय की मदद पर भी पुलिस की टेढ़ी नजर
महिला ने बताया कि जब हिंदू समाज से मदद नहीं मिली, तो दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने उसकी सहायता की। लेकिन आरोप है कि पुलिस ने उन मददगारों को भी परेशान करना शुरू कर दिया, जिसके बाद उन्होंने हाथ पीछे खींच लिए। इसी सामाजिक उपेक्षा और पुलिस की प्रताड़ना से हारकर महिला ने अगले 5-6 दिनों के भीतर इस्लाम धर्म अपनाने का निर्णय लिया है।
फैंस में चिंता का माहौल
लोनी में लंबे समय से रह रही इस हरियाणवी डांसर के सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स हैं। धर्मांतरण की खबर सार्वजनिक होने के बाद उनके प्रशंसकों में गहरी चिंता और आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह मामला अब चर्चा का केंद्र बन गया है कि आखिर एक कलाकार को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ रहा है।
फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर पुलिस प्रशासन या विधायक कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि मामला तूल पकड़ने के बाद क्या प्रशासन महिला की सुध लेता है या वह अपने निर्णय पर अडिग रहती है।
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