ईद पर मस्जिदों में नमाज पढ़ने आए लोगों में चिकन बिरयानी मामले में गिरफ्तारी पर बेहद नाराजगी

वाराणसी। वाराणसी में मदनपुरा का इलाका इस समय 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी के बाद से सुर्खियों में है। मदनपुरा में मुस्लिम समुदाय के युवकों ने गंगा नदी में नाव पर चिकन बिरयानी की इफ्तार पार्टी की और उसके बाद उन्हें गम्भीर धाराओं में गिरफ्तार किया गया। ईद के अवसर पर मदनपुरा की दो मस्जिदों में नमाज पढ़ने आए मुस्लिम समुदाय के लोगों में युवकों के गिरफ्तारी पर बेहद नाराजगी सामने आई।
मदनपुरा स्थित मस्जिद इस्ना अशरी में बड़ी संख्या में शिया मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ईद की नमाज अता किया। इसके बाद शिया मुस्लिम लोगों ने कहा कि गंगा में पर्यटक जब नाव पर घूमते हैं और तमाम कुछ अनैतिक कार्य करते हैं तो वहां कोई नहीं बोलता है। मेरे धर्म के बच्चों ने नादानी में नाव पर इफ्तार पार्टी की और उसका वीडियो बना डाला। यही इफ्तार पार्टी कही और होती तो किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं होती।
ये भी पढ़ें हिमाचल का बजट आज, मुख्यमंत्री सुक्खू करेंगे पेश, आर्थिक चुनौतियों के बीच जनता को बड़ी उम्मीदेंइसी तरह मदनपुरा क्षेत्र की दूसरी मस्जिद सागरा बाग में भी ईद की नमाज के बाद नौजवानों ने कहा कि वाराणसी में मदनपुरा के चौदह लड़कों को चिकन बिरयानी खाने पर गिरफ्तार किया गया है। यह तो मनोरंजन के लिए बनाया गया वीडियो था, इफ्तार पार्टी करने और वीडियो बनाने पर लड़कों को गिरफ्तार कर लिया गया। ये ठीक नहीं है। इसी तरह दालमंडी में भी प्रशासन की कार्रवाई पर बोलने वाले को उठाकर बंद कर दिया गया था।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां