मुजफ्फरनगर: तीन दिन की छुट्टी के बाद जिला अस्पताल में उमड़ा मरीजों का सैलाब; लंबी कतारों में बेहाल हुए तीमारदार

मुजफ्फरनगर। ईद और रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को जिला अस्पताल खुलते ही मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तीन दिनों तक ओपीडी सेवाएं बंद रहने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अचानक दबाव इतना बढ़ गया कि पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) काउंटर से लेकर दवा वितरण कक्ष तक पैर रखने की जगह नहीं बची। अव्यवस्था के चलते मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ा।
पंजीकरण से लेकर ओपीडी तक घंटों इंतजार
ये भी पढ़ें तेज़ आंधी बारिश ने किसानों के अरमानों पर फेरे पानी,सैकड़ों एकड़ में लगे मकई के पौधे हुए जमींदोजसुबह अस्पताल खुलते ही रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी लाइनें लग गईं। पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। यही स्थिति ओपीडी के बाहर भी रही, जहां डॉक्टरों के चैंबर के बाहर मरीजों का तांता लगा रहा। भीड़ अधिक होने के कारण कई स्थानों पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। आंखों का चेकअप कराने आईं तरन्नुम ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि वह डेढ़ घंटे से लाइन में खड़ी हैं, लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया।
दवा काउंटरों पर भी रही भारी भीड़
पर्चा बनवाने और डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद असली मशक्कत दवा काउंटरों पर देखने को मिली। मरीज फैसल ने बताया कि पहले रजिस्ट्रेशन और फिर ओपीडी में घंटों बीत गए, और अब दवा के लिए भी लंबी कतार में खड़ा होना पड़ रहा है। डॉक्टरों पर भी मरीजों का अत्यधिक दबाव होने के कारण परामर्श प्रक्रिया में देरी हुई, जिससे मरीजों का धैर्य जवाब देने लगा।
बेहतर प्रबंधन की उठ रही मांग
अस्पताल आए लोगों का कहना है कि त्योहारों या लंबी छुट्टियों के बाद जिला अस्पताल में अक्सर ऐसी ही स्थिति बनती है। मरीजों और उनके तीमारदारों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी भीड़ से निपटने के लिए अस्पताल प्रशासन को:
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अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन काउंटर खोलने चाहिए।
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स्टाफ की संख्या में अस्थाई बढ़ोतरी करनी चाहिए।
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दवा वितरण के लिए अलग से व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि छुट्टियों के बाद मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी स्वाभाविक है, फिर भी स्थिति को नियंत्रित करने और सभी को उपचार मुहैया कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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