नोएडा के चाइल्ड पीजीआई में बढेंगे 80 बेड
नोएडा। नोएडा के सेक्टर 30 में स्थित चाइल्ड पीजीआई में लगातार बढ़ती मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने 80 बेड बढ़ाने का फैसला लिया है। इस विस्तार के बाद अस्पताल की बेड क्षमता 280 हो जाएगी। अस्पताल प्रशासन ने यह निर्णय खासतौर पर मौसमी बीमारियों के दौरान होने वाली बेड की कमी और दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के राज्यों से आने वाले मरीजों की संख्या को ध्यान में रखकर लिया है।
चाइल्ड पीजीआई के निदेशक डॉक्टर ए.के. सिंह ने गुरुवार काे बताया कि विस्तार योजना के तहत हर विभाग में 20 बेड होंगे। इसके लिए आंतरिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और जगह की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए विभागों का पुनर्गठन किया जा रहा है। वर्तमान में चाइल्ड पीजीआई पर मरीजों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, दिल्ली के अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों से भी बड़ी संख्या में गंभीर रूप से बीमार बच्चे इलाज के लिए यहां लाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि खासकर डेंगू, वायरल फीवर, निमोनिया और अन्य मौसमी बीमारियों के पीक के समय अस्पताल में बेड की भारी कमी महसूस होती है। कई बार गंभीर मरीजों को इंतजार करना पड़ता है या अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। इन्हीं समस्याओं को दूर करने के उद्देश्य से अस्पताल प्रशासन ने बेड क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि बेड बढ़ाने के लिए अस्पताल के भीतर विभागों को शिफ्ट करने की योजना बनाई गई है। अस्पताल के 9 नंबर टावर में डेंटल, माइक्रोबायोलॉजी समेत चार विभागों को शिफ्ट किया जा रहा है। इन विभागों के स्थानांतरित होने के बाद जो जगह खाली होगी, वहां जेनेटिक्स विभाग का विस्तार और नए वॉर्ड विकसित किए जाएंगे। इससे न सिर्फ बेड की संख्या बढ़ेगी, बल्कि मरीजों को बेहतर सुविधाएं भी मिल सकेंगी। डॉक्टरों का कहना है कि चाइल्ड पीजीआई एक रेफरल सेंटर के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। यहां आने वाले मरीजों में बड़ी संख्या गंभीर और जटिल बीमारियों से पीड़ित बच्चों की होती है, जिन्हें लंबे समय तक भर्ती रखकर इलाज की जरूरत पड़ती है। ऐसे में बेड क्षमता बढ़ना बेहद जरूरी हो गया था। उन्होंने बताया कि बेड बढ़ाने पर काम शुरू हो गया है। अभी 80 बेड बढ़ाने की योजना बनाई गई है। विस्तार के बाद हर विभाग में 20-20 बेड होंगे।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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