नोएडा: आवारा सांडों का खूनी आतंक, दो अलग-अलग हमलों में एक की मौत और दूसरा गंभीर रूप से घायल
नोएडा। दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा की सड़कों पर आवारा सांडों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया है। शहर के अलग-अलग सेक्टरों में सांडों के हमले की दो बड़ी घटनाओं ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। सेक्टर-2 में हुई एक हृदयविदारक घटना में एक 44 वर्षीय व्यक्ति की जान चली गई, जबकि सेक्टर-4 में एक ऑफिस कर्मी पर जानलेवा हमला हुआ।
पहली घटना सेक्टर-2 की है, जहां 44 वर्षीय सेवेंद्र कुमार अपनी साइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान एक आवारा सांड ने उन्हें इतनी जोरदार टक्कर मारी कि वह सड़क पर दूर जा गिरे और मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। यह पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें सांड के हमले की भयावहता साफ देखी जा सकती है। वहीं, दूसरी घटना सेक्टर-4 की है, जहां अपने ऑफिस के बाहर खड़े एक ग्राफिक्स डिजाइनर पर सांड ने अचानक हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हुआ है।
इन लगातार हो रही घटनाओं से नोएडा के निवासियों में भारी आक्रोश और डर का माहौल है। स्थानीय लोगों ने नोएडा प्राधिकरण की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान जा रही है। लोगों का कहना है कि शहर की मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक आवारा सांडों का जमावड़ा लगा रहता है, लेकिन उन्हें पकड़ने या गौशाला भेजने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
शहर में चल रही गौशालाओं की जमीनी हकीकत पर भी अब सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि पशुओं के संरक्षण के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई की जा रही है, जबकि हकीकत में आवारा पशु सड़कों पर मौत बनकर घूम रहे हैं। इससे पहले भी शहर में सांडों के हमले के कई मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन हर बार प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिला। अब देखना यह होगा कि इन ताजी घटनाओं के बाद नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन कब गहरी नींद से जागता है और जनता की सुरक्षा के लिए ठोस रणनीति तैयार करता है।
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