मोबाइल में गेम खेलने से मना करने पर नाबालिग ने की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में रहने वाले एक 15 वर्षीय नाबालिग के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है की मोबाइल गेम खेलने से मना करने पर वो इतना गुस्से में आया कि उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। […]
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में रहने वाले एक 15 वर्षीय नाबालिग के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है की मोबाइल गेम खेलने से मना करने पर वो इतना गुस्से में आया कि उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
दरसअल पूरा मामला 12 फरवरी का है, जहां एक 15 वर्षीय नाबालिग ने चुनरी से पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। दरसअल 15 बर्षीय नाबालिग अपने परिजनों के साथ बीटा 2 थाना क्षेत्र के अ-3 पॉकेट 4 में रहता था।
ये भी पढ़ें ग्रेटर नोएडा में समाजवादी महिला सभा ने रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत के विरोध में किया प्रदर्शनबताया जा रहा है कि उसका मोबाइल खराब हो गया था। वह घरवालों से लगातार उसे ठीक कराने की जिद कर रहा था। वो मोबाइल पर गेम खेला करता था, जिसका घर वाले लगातार विरोध करते थे। इसलिए मोबाइल खराब होने पर उसे ठीक नही करा रहे थे।
ये भी पढ़ें एनसीआर में 19 मार्च को फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, हल्की बारिश और तेज हवाओं से एक्यूआई में सुधार आसपास के लोगों के मुताबिक वह मोबाइल खेलने का काफी आदी था समय मोबाइल में ही लगा रहता था। लेकिन मोबाइल खराब होने पर घर वाले ने उसे सही नहीं कराया। जिससे वह उसे सही कराने की जिद करने लगा, जिसपर घरवालों ने मना कर दिया।
उसके बाद वह गुस्से में आ गया और कमरे में जाकर चुनरी से पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे उतारकर आनन फानन में नजदीकी अस्पताल यथ्यार्थ ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मर्त घोषित कर दिया।
ग्रेटर नोएडा के डीसीपी साद मियां खान ने बताया कि एक नाबालिग जो कि 15 वर्षीय है, उसने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह गेम खेलने का आदी था।
मोबाइल पर गेम खेलने से मना करने और मोबाइल को ठीक न कराने से नाराज होकर उसने आत्महत्या कर ली। फिलहाल शव का पंचनामाभर पोस्टमार्टम करा दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां