नोएडा में जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, सीईओ ने लगाई फटकार
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने मंगलवार को जन सुनवाई की। सीईओ ने एक आवंटी के जल विभाग से जुड़े प्रकरण में कहा कि जो काम विभागीय स्तर पर हो सकता है, उसे समिति बनाकर उलझाने और समय गंवाने की कोशिश न करें। अगर किसी प्रकरण में ऐसा लगता है कि […]
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने मंगलवार को जन सुनवाई की। सीईओ ने एक आवंटी के जल विभाग से जुड़े प्रकरण में कहा कि जो काम विभागीय स्तर पर हो सकता है, उसे समिति बनाकर उलझाने और समय गंवाने की कोशिश न करें।
अगर किसी प्रकरण में ऐसा लगता है कि बिना जरूरत के सिर्फ प्रकरण को लटकाने के लिए समिति बनाई गई है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें नोएडा में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस घूमधाम से मनाने की तैयारी, 9 मार्च को खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन जन सुनवाई में लीज प्लान जारी करने में देरी की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सीईओ रितु माहेश्वरी ने सभी वर्क सर्किल प्रभारियों से कहा है कि किसानों के 6% आबादी भूखंडों के लीज प्लान तय समयसीमा में जारी न हुए तो संबंधित वर्क सर्किल प्रभारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई तत्काल की जाएगी।
ये भी पढ़ें ग्रेटर नोएडा में 29 मार्च को होगी समाजवादी समानता भाईचारा रैली, राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे संबोधित उत्तराखंड सांस्कृतिक समिति की तरफ से ग्रेटर नोएडा में सांस्कृतिक केंद्र बनाने के लिए आवेदन पत्र सौंपा गया है, जिस पर सीईओ ने शीघ्र उचित निर्णय लिए जाने की बात कही।
जन सुनवाई के दौरान एसीईओ प्रेरणा शर्मा, एसीईओ अमनदीप डुली व एसीईओ आनंद वर्धन, ओएसडी सौम्य श्रीवास्तव, ओएसडी रजनीकांत, ओएसडी संतोष कुमार, जीएम आरके देव समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां