डीजीसीए ने दिया नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को लाइसेंस, जल्द शुरू होंगी देश-दुनिया की उड़ानें
बीसीएएस पहले ही दे चुका 'सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस', चौबीसों घंटे होगा विमानों का परिचालन
नोएडा/नई दिल्ली। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने उत्तर प्रदेश के जेवर स्थित नोएडा अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन (एनआईए) को आधिकारिक तौर पर हवाई अड्डा लाइसेंस प्रदान कर दिया है। यह लाइसेंस 'सार्वजनिक उपयोग' श्रेणी के तहत सभी मौसमों में विमानों के संचालन के लिए दिया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विमानन संपर्क का एक नया युग शुरू हो गया है। एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) से 'सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस' मिल चुकी है।
नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु ने इस उपलब्धि पर उत्तर प्रदेश सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह एयरपोर्ट न केवल क्षेत्रीय आर्थिक विकास और पर्यटन को बढ़ावा देगा, बल्कि दिल्ली के मौजूदा हवाई अड्डे पर बढ़ते बोझ को भी कम करेगा। उन्होंने कहा कि यह स्विस दक्षता और भारतीय आतिथ्य सत्कार का एक बेहतरीन संगम होगा।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा जेवर एयरपोर्ट
नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी 'यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा विकसित किया जा रहा है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताओं पर गौर करें, तो यह 3,900 मीटर×45 मीटर के अत्याधुनिक रनवे, जो इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम से लैस है। वहीं पहले चरण में यहां सालाना 12 मिलियन यात्रियों की क्षमता होगी, जो भविष्य में 70 मिलियन तक पहुंचेगी। खास बात ये है कि यह यरपोर्ट एआरएफएफ श्रेणी 9 की सुविधाओं से लैस है, जो बोइंग 777-300ER जैसे बड़े विमानों को संभालने में सक्षम है। यहां चौबीसों घंटे सेवा मिलेगी यानी यरोनॉटिकल ग्राउंड लाइटिंग (एजीएल) सिस्टम के कारण यहाँ रात में भी निर्बाध संचालन होगा।
ये भी पढ़ें ईडी ने साइबर फ्रॉड के बड़े सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, चार्टर्ड अकाउंटेंट सहित दो गिरफ्तारबीसीएएस ने पहले ही दी 'सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस'
उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) ने परिचालन की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। एयरपोर्ट को ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) से 'सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस' मिलने के बाद डीजीसीए ने भी फ्लाइट ऑपरेशंस शुरू करने के लिए लाइसेंस जारी कर दिया है।
क्या है सिक्योरिटी वेटिंग क्लीयरेंस?
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि बीसीएएस की टीम ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र (सर्विलांस), एक्सेस कंट्रोल और यात्रियों व कार्गो की जांच प्रक्रिया जैसे सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं का बारीकी से निरीक्षण किया। सभी मानक सुरक्षित पाए जाने के बाद ही यह क्लीयरेंस जारी किया गया है, जो इस बात की पुष्टि करता है कि एयरपोर्ट सुरक्षा के लिहाज से उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार है।
लक्ष्य:2047 तक 400 एयरपोर्ट का नेटवर्क
भारत का नागर विमानन क्षेत्र तेजी से विस्तार कर रहा है। वर्ष 2014 में देश में कुल 74 परिचालन वाले हवाई अड्डे थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 164 हो गई है। 'उड़ान' जैसी योजनाओं के साथ सरकार का लक्ष्य 2047 तक देश में 400 से अधिक विमानपत्तनों का विकास करना है, ताकि कनेक्टिविटी और राष्ट्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिल सके।
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