किसानों तक तकनीक पहुंचाने को प्रयासरत विस्तार शिक्षा निदेशालय: कुलपति डा. विनोद वर्मा
हिसार। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डा. विनोद कुमार वर्मा ने कहा है कि विश्वविद्यालय में विभिन्न पशुओं व पक्षियों की हरधेनु, हरनाली व हारलेय प्रजातियां विकसित की है। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित इन सभी तकनीकों को प्रदेश के किसानों तक पहुचाने के लिए विश्वविद्यालय का विस्तार शिक्षा निदेशालय सतत […]
हिसार। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डा. विनोद कुमार वर्मा ने कहा है कि विश्वविद्यालय में विभिन्न पशुओं व पक्षियों की हरधेनु, हरनाली व हारलेय प्रजातियां विकसित की है। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित इन सभी तकनीकों को प्रदेश के किसानों तक पहुचाने के लिए विश्वविद्यालय का विस्तार शिक्षा निदेशालय सतत प्रयासरत है। वे शनिवार को लुवास के दूसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महामहिम राज्यपाल, केन्द्रीय राज्य मंत्री संजीव बाल्याण, मंत्री जेपी दलाल एवं डा. कमल गुप्ता सहित उपस्थितजनों को विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का ब्यौरा दिया।
उन्होंने समारोह में पहुंचने पर अतिथियों का स्वागत किया और जनवरी 2016 से अब तक विश्वविद्यालय द्वारा दी गई विभिन्न गतिविधियों के बारे में महामहिम एवं सदन को जानकारी दी। उन्होंने वेटरनरी कॉलेज, डेयरी साइंस कॉलेज एवं पैरा वेटरनरी साइंस इंस्टीट्यूट के बारे में बताया।अनुसंधान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की विशेष उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि महिला सशक्तिकरण के लिए प्रदेश भर में विशेष रूप से महिलाओं को पशुपालन की आधुनिक गतिविधियों का ज्ञान देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। शीघ्र ही भिवानी के बहल, कैथल जिला के क्योड़क एवं झज्जर जिला के ल्कारियां गांव में हरियाणा पशु विज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे है।
विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में 475 विद्यार्थियों को डिग्रियां दी गई तथा 24 विद्यार्थियों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अलग-अलग गोल्ड मेडल भी दिए गए। गोल्ड मेडल प्राप्त करने वालो में बीवीएससी गोल्ड मेडल में डॉ. ज्योत्सना, डॉ. अमरजीत, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुनील पूनिया, डॉ. तन्विका, डॉ. श्रेया पराशर, डॉ. डीपी बनर्जी गोल्ड मेडल प्राप्त करने वाले डॉ. नीलम रानी, डॉ. अमरजीत, डॉ. अमित कुमार, डॉ. अरुण बंसल, डॉ. तन्विका, डॉ. श्रेया पराशर, डॉ. पीके द्वारका नाथ मेमोरियल गोल्ड मेडल प्राप्त करने वालों में डॉ. ज्योत्स्ना, डॉ. अमरजीत, डॉ. अमित कुमार, डॉ. सुनील पूनिया, डॉ. तन्विका, डॉ. श्रेया पराशर, डॉ. वीपी दीक्षित गोल्ड मैडल डॉ. प्रीती, डॉ. आरएन श्रीवास्तव गोल्ड मैडल डॉ. कनिष्ट बत्रा, डॉ. सोमेश बनर्जी, डॉ. विकास यादव, डॉ. विकास वर्मा, डॉ. जसलीन कौर शामिल है।
केन्द्रीय मंत्री ने टीचिंग एवं नॉन टीचिंग कर्मचारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए अवार्ड प्रदान किए। इनमें बेस्ट टीचर अवार्ड डॉ. सोनिया सिन्धु, डॉ. डीएस दलाल को दिया गया और बेस्ट रिसर्चर अवार्ड डॉ. नरेश जिंदल को दिया गया। साथ ही नॉन टीचिंग कर्मचारियों में आशा रानी, संतलाल, गौरव रेवड़ी और सुलतान सिंह को बेस्ट वर्कर अवार्ड दिया गया।
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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