मिशन कामयाब: UAE से कच्चा तेल लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा 'जग लाडकी' टैंकर, तनाव के बीच मिली बड़ी राहत

मुद्रा । यूएई से चला भारतीय झंडे वाला क्रूड ऑयल टैंकर 'जग लाडकी' बुधवार को भारत पहुंच गया है। इसने गुजरात में अदाणी ग्रुप द्वारा संचालित मुंद्रा पोर्ट पर डॉक किया है। इस टैंकर में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से प्राप्त लगभग 80,886 मीट्रिक टन कच्चा तेल है, जिसे फुजैराह बंदरगाह पर लोड किया गया था। इस 274.19 मीटर की लंबाई और 50.04 मीटर की चौड़ाई वाले टैंकर का डेडवेट टन भार लगभग 164,716 टन और ग्रॉस टन भार लगभग 84,735 टन है। फुजैराह बंदरगाह, मध्य पूर्व में मौजूद उन गिने चुने बंदरगाहों में से एक है, जो कि होर्मुज जलडमरूमध्य के बाहर स्थित है। ईरान-अमेरिका, इजरायल युद्ध के कारण फारस की खाड़ी में मौजूद यह संकरा रास्ता प्रभावित है और इससे विश्व के कुल कच्चे तेल का 20 प्रतिशत का आवागमन होता है।
मुंद्रा स्थित अदाणी पोर्ट्स में इसका आगमन कच्चे तेल के भारी आयात को संभालने में इस सुविधा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। यह डिलीवरी एक प्रमुख रिफाइनरी के लिए सहायक है जो परिचालन बनाए रखने और क्षेत्र में आपूर्ति में व्यवधान के दौरान भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ऐसे शिपमेंट पर निर्भर करती है। अदाणी पोर्ट्स मुंद्रा ने पोत जग लाडकी को सुरक्षित रूप से लंगर डालने और भारत की महत्वपूर्ण ऊर्जा लाइनों की सुरक्षा में समुद्री समन्वय प्रदान किया है। ईरान-अमेरिका, इजरायल युद्ध के बीच केंद्र सरकार लगातार देश की निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। इससे पहले शिवालिक और नंदा देवी दो एलपीजी लदे जहाज भारत पहुंच चुके हैं।
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इसमें शिवालिक ने भी मुद्रा पोर्ट पर सोमवार को डॉक किया था। वहीं, नंदा देवी ने कंडला पोर्ट के पास स्थित वडीनार पोर्ट पर डॉक किया था। वडीनार पोर्ट, गुजरात में कच्छ की खाड़ी के पास स्थित एक प्रमुख ऑफ-शोर ऑयल टर्मिनल है, जो दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण (पूर्व में कांडला पोर्ट) का हिस्सा है। शिवालिक और नंदा देवी दोनों में 92,700 टन के करीब एलपीजी थी, जिसमें शिवालिक में 46,000 टन से ज्यादा और नंदा देवी में 47,000 टन से ज्यादा एलपीजी थी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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