Madhya Pradesh MSP 2026: रबी सीजन में किसानों की चांदी मध्य प्रदेश में गेहूं चना मसूर और सरसों पर बढ़ा MSP साथ में मिलेगा मोटा बोनस
Madhya Pradesh MSP 2026: रबी सीजन में मेहनत करने वाले किसानों के लिए इस बार राहत भरी खबर सामने आई है। मध्य प्रदेश में गेहूं चना मसूर और सरसों की फसलों पर बेहतर दाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। केंद्र और राज्य सरकार ने इन प्रमुख फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य पहले ही घोषित कर दिया है। साथ ही कुछ फसलों पर अतिरिक्त बोनस देने का भी निर्णय लिया गया है जिससे किसानों को बाजार की अनिश्चितता से सुरक्षा मिल सके।
गेहूं पर MSP और बोनस से बढ़ेगी आमदनी
इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य 2600 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। केंद्र सरकार ने 2585 रुपए प्रति क्विंटल MSP घोषित किया है जबकि राज्य सरकार 15 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दे रही है। गेहूं बेचने के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य है और इसके लिए 7 मार्च तक की समयसीमा तय की गई है। संभावना है कि 15 मार्च से खरीदी प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इस बार उत्पादन अच्छा रहने की उम्मीद है इसलिए बड़ी मात्रा में उपार्जन की तैयारी की जा रही है।
चना और मसूर उत्पादकों को भी राहत
चना की खेती करने वाले किसानों के लिए भी यह सीजन लाभकारी साबित हो सकता है। इस साल चना का समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल रखा गया है जो पिछले वर्ष से 225 रुपए अधिक है। चना के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 16 मार्च तय की गई है और खरीदी 20 मार्च के बाद शुरू होने की संभावना है। मसूर का समर्थन मूल्य 7000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है जो पिछले साल से 300 रुपए ज्यादा है। मसूर के लिए भी पंजीयन 16 मार्च तक किया जा सकेगा। बढ़ी हुई दरों से किसानों की आय में सुधार की उम्मीद है।
सरसों पर अतिरिक्त बोनस से दोगुना उत्साह
सरसों उत्पादकों को इस बार विशेष लाभ मिलने जा रहा है। सरसों का समर्थन मूल्य 6200 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है जो पिछले वर्ष से 250 रुपए अधिक है। इसके अलावा 600 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा। इससे किसानों को बेहतर आमदनी मिलेगी और तेलहन फसलों की ओर रुझान बढ़ सकता है।
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सरकार ने किसानों को बाजार की गिरती कीमतों से बचाने के लिए भावांतर योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। यदि बाजार में फसल का भाव समर्थन मूल्य से कम रहता है तो सरकार अंतर की राशि सीधे किसानों के खाते में देगी। यह योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करेगी और उन्हें आर्थिक नुकसान से बचाएगी।
खरीदी तिथियों का इंतजार
हालांकि खरीदी की अंतिम तिथियों की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है लेकिन पंजीयन प्रक्रिया जारी है। संभावना जताई जा रही है कि मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल की शुरुआत में विस्तृत कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। किसानों को सलाह दी गई है कि समय पर पंजीयन कराएं और जरूरी दस्तावेज तैयार रखें ताकि उन्हें समर्थन मूल्य और बोनस का पूरा लाभ मिल सके।
रबी सीजन में बढ़ा हुआ समर्थन मूल्य और बोनस किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। सही समय पर सही जानकारी और तैयारी से इस बार बेहतर आय की उम्मीद की जा सकती है।
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