MP के कूनो नेशनल पार्क में चीतों पर 1.27 करोड़ खर्च, 32 चीतों का बढ़ता कुनबा, अब बोत्सवाना से आ रहे 8 नए चीते से और बढ़ेगी संख्या
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। यहां चीतों की संख्या लगातार बढ़ रही है और उनके भोजन पर भारी खर्च हो रहा है। एक साल में 32 चीतों ने 1.27 करोड़ रुपये से ज्यादा का बकरा मीट खा लिया है। वहीं अब अफ्रीकी देश बोत्सवाना से आठ नए चीते भी कूनो लाए जा रहे हैं जिससे प्रदेश में चीतों की संख्या और बढ़ने वाली है।
कूनो में चीतों के भोजन पर 1.27 करोड़ से ज्यादा खर्च
Kuno National Park में चीतों के संरक्षण और देखभाल पर सरकार लगातार काम कर रही है। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2024 25 में बकरा मीट खरीदने पर 1 करोड़ 27 लाख 10 हजार 870 रुपये खर्च किए गए।
सरकार की ओर से बताया गया कि चीतों के लिए अलग से भोजन बजट निर्धारित नहीं है बल्कि उनके प्रबंधन और चिकित्सीय देखभाल के तहत मिलने वाली राशि से ही यह खर्च किया जाता है। एक दिन में कितने बकरे खिलाए जाते हैं इसका कोई तय मानक नहीं है। आवश्यकता के अनुसार भोजन दिया जाता है।
कूनो में मौजूद हैं 32 चीते
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जानकारी दी कि वर्तमान में कूनो नेशनल पार्क में कुल 32 चीते मौजूद हैं। वर्ष 2022 में नामीबिया से आठ चीते लाए गए थे और वर्ष 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते भारत पहुंचे थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 32 हो गई है।
खुले जंगल में विचरण करते समय कुछ चीते कभी कभी वन सीमा से बाहर निकल जाते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में बकरी मवेशी का शिकार कर लेते हैं। पिछले वर्ष एक चीते की राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क दुर्घटना में मौत भी हुई थी।
बोत्सवाना से आएंगे आठ नए चीते
चीतों के कुनबे को और मजबूत करने के लिए अफ्रीकी देश Botswana से आठ नए चीते लाए जा रहे हैं। इन्हें विशेष विमान से पहले ग्वालियर हवाई अड्डे पर उतारा जाएगा और फिर विशेष वाहनों से कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया जाएगा।
इन चीतों के लिए विशेष क्वारंटीन बाड़े तैयार किए गए हैं। सभी नए चीते कम से कम एक महीने तक क्वारंटीन एनक्लोजर में रहेंगे ताकि उनके स्वास्थ्य और नए वातावरण के अनुकूलन की निगरानी की जा सके।
आगे गांधी सागर और नौरादेही में शिफ्ट की तैयारी
क्वारंटीन अवधि पूरी होने के बाद कुछ चीतों को Gandhi Sagar Wildlife Sanctuary और Nauradehi Wildlife Sanctuary में शिफ्ट किए जाने की संभावना है। वर्तमान में गांधी सागर में तीन चीते मौजूद हैं। नए चीतों के पहुंचने के बाद वहां संख्या और बढ़ सकती है।
संरक्षण के साथ बढ़ती जिम्मेदारी
चीतों की वापसी को भारत के वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी और खर्च भी बढ़ रहा है। भोजन चिकित्सा और सुरक्षा की व्यवस्थाओं पर लगातार ध्यान देना जरूरी है ताकि यह परियोजना सफल हो सके।
कूनो में चीतों की बढ़ती संख्या एक सकारात्मक संकेत है लेकिन उनके संरक्षण और मानव वन्यजीव संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
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