अजित पवार विमान हादसे पर अमोल मिटकरी ने जताई आशंका, बीमा लाभ के लिए कराया गया क्रैश
मुंबई। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे पर एनसीपी नेता और विधायक अमोल मिटकरी ने गंभीर सवाल उठाते हुए साजिश की आशंका जताई है। मिटकरी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि वीएसआर कंपनी ने दिसंबर 2025 में अपने पायलटों के लिए 50 करोड़ रुपए का बीमा कवर लिया था। बीमा लाभ के लालच में भी इस दुर्घटना को अंजाम दिया गया हो सकता है। एनसीपी विधायक ने मांग की कि यदि यह आरोप गलत है तो नागरिक उड्डयन महानिदेशालय को इस पर स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए और कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान विधायक अमोल मिटकरी ने कहा कि 'दादा' की उड़ान के लिए जिन लोगों का चयन किया गया था, उनमें साहिल मदान और यश शामिल थे। उन्होंने दावा किया कि दोनों फ्लाइट अटेंडेंट अपने घर जाते समय ट्रैफिक में फंस गए थे।
ये भी पढ़ें श्रीलंका नौसेना की बड़ी कार्रवाई: पंबन के 12 मछुआरे गिरफ्तार, दो नावें जब्त, सीमा उल्लंघन का आरोपइसके बाद वे कहां रुके, इसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं है। उस स्थान का कोई सीसीटीवी फुटेज भी सामने नहीं आया और अब तक कोई ठोस जांच नहीं हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि ये दोनों लोग अब कहां हैं। यदि ये दोनों दिखाई नहीं देते हैं तो इस हादसे को सामान्य दुर्घटना नहीं माना जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई सरकारी अधिकारी गलती करता है तो उसे निलंबित किया जाता है, तो फिर महाराष्ट्र के एक प्रमुख नेता से जुड़े ऐसे हादसे में संबंधित कंपनी पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए? मिटकरी ने कहा कि वे अभी भी संतुष्ट नहीं हैं। यदि सीबीआई इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाए और 27 जनवरी के सीसीटीवी फुटेज तथा साहिल मदान से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक की जाए, तभी उन्हें संतोष होगा। इससे पहले सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अजित पवार ऐसे नेता थे जो महाराष्ट्र के सबसे अच्छे मुख्यमंत्री बन सकते थे, लेकिन राज्य को उनका नेतृत्व उस रूप में कभी नहीं मिल पाया। उनके जाने से एक खालीपन पैदा हो गया है और अब "वैक्यूम" शब्द का असली मतलब समझ में आ रहा है।
विधानसभा में बजट सत्र के पहले दिन शोक प्रस्ताव के दौरान अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस खालीपन को भर पाना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि 'दादा' जैसा नेता फिर कभी देखने को नहीं मिलेगा। फडणवीस ने बताया था कि विधानसभा सत्र के दौरान अजित पवार हमेशा सबसे पहले विधान भवन पहुंचते थे और अपनी सीट पर मौजूद रहते थे। सदन की कार्यवाही कितनी भी लंबी क्यों न चले, वह अंत तक अपनी जगह पर डटे रहते थे। यह बहुत पीड़ादायक है कि अब वह हमारे बीच नहीं हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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