महाराष्ट्र: पुलिस अधिकारी अश्विनी बिद्रे के परिवार ने राष्ट्रपति और सीजेआई से इच्छामृत्यु की मांग की
कोल्हापुर। महिला पुलिस अधिकारी अश्विनी बिद्रे की मौत के मामले में परिवार ने बड़ा कदम उठाया है। परिवार ने आरोप लगाया कि महिला पुलिस अधिकारी अश्विनी बिद्रे की हत्या के मामले में दस साल बीत जाने के बाद भी न्याय नहीं मिला है। परिवार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से इच्छामृत्यु की मांग की है। उनके परिवार ने गंभीर आरोप लगाए कि अदालत में हत्या साबित होने के बावजूद प्रशासन आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है। परिवार का आरोप है कि अदालत में हत्या साबित होने के बावजूद प्रशासन आधिकारिक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं कर रहा है।
ये भी पढ़ें बिजनौर में मतदाता पुनरीक्षण के लिए 22 फरवरी को विशेष अभियान दिवस, सभी बूथों पर तैनात रहेंगे बीएलओयह भी कहा जा रहा है कि परिवार को सेवाकाल के दौरान मिले लाभ से भी वंचित रखा गया है। मृत अश्विनी बिद्रे के पति राजू गोरे ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि अश्विनी बिद्रे हत्याकांड में फैसला आए एक साल हो चुका है। इसके बाद भी हमें मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिला। उनका मृत्यु प्रमाण पत्र हमको मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि नवी मुंबई पुलिस हमें मृत्यु प्रमाण पत्र दे। उन्होंने कहा कि उनकी मौत के बाद महाराष्ट्र सरकार से हमको जो सुविधा मिलनी है, वह कुछ भी नहीं दी। उन्होंने कहा कि हमारा जो बैंक लॉकर में पैसा है, वह हमें मिलना चाहिए था, लेकिन हमको मिला नहीं।
ये भी पढ़ें संभल: सड़क पर दौड़ता ट्रक बना 'आग का गोला', केमिकल और घास लदे वाहन में लगी भीषण आग से मचा हड़कंप
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र सरकार के किसी भी विभाग ने हमारी बात नहीं सुनी, इसलिए हमने भारत के मुख्य न्यायाधीश और राष्ट्रपति को प्रार्थना पत्र दिया है कि हमारी इच्छा मृत्यु का आवेदन मंजूर कर दीजिए। यही मैंने प्रार्थना पत्र दिया है। बता दें कि यह मामला महाराष्ट्र पुलिस में भ्रष्टाचार, रिश्तों के दुरुपयोग और जांच की कमियों का बड़ा उदाहरण बना। अश्विनी बिद्रे को एक मेहनती और ईमानदार अधिकारी के रूप में याद किया जाता है, जिनकी मौत ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां