मुजफ्फरनगर: गांव की गंदगी दिखाना पड़ा भारी, पुलिस चौकी में युवकों से हाथ जोड़वाकर बनवाया 'माफी' का वीडियो
मुजफ्फरनगर। जनपद के भोपा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव सीकरी में सफाई व्यवस्था की पोल खोलना दो इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर युवकों को भारी पड़ गया। आरोप है कि गांव की बदहाली का वीडियो सोशल मीडिया पर डालने से नाराज ग्राम प्रधान ने पुलिस के साथ मिलकर इन युवकों को दूसरे थाना क्षेत्र से उठवाया और चौकी में बैठाकर जबरन माफी मंगवाई। इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
पूरा मामला कुछ दिन पहले का है, जब दूसरे थाना क्षेत्र के रहने वाले दो युवकों ने सीकरी गांव में फैली गंदगी और बदहाल सफाई व्यवस्था का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया था। वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन और ग्राम प्रधान की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे। अपनी छवि खराब होते देख ग्राम प्रधान ने इसे प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया और युवकों के खिलाफ सीकरी चौकी में तहरीर दे दी।
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आरोप है कि ग्राम प्रधान के दबाव में आकर पुलिस ने दोनों युवकों को उनके क्षेत्र से उठाकर सीकरी चौकी पर ला बैठाया। कानून की मर्यादा को ताक पर रखकर चौकी परिसर में ही युवकों पर दबाव बनाया गया कि वे अपनी पिछली वीडियो को झूठा बताएं। पुलिस की मौजूदगी में ही युवकों से हाथ जोड़कर माफी मंगवाने का एक नया वीडियो रिकॉर्ड किया गया, जिसे बाद में प्रधान पक्ष की ओर से सोशल मीडिया पर अपनी 'जीत' के रूप में प्रसारित किया गया।
सवालों के घेरे में खाकी और सत्ता का रसूख
इस प्रकरण ने क्षेत्र में नई चर्चा छेड़ दी है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या सार्वजनिक स्थान पर गंदगी दिखाना कोई अपराध है? क्या पुलिस का काम शिकायतों की जांच करना है या किसी खास पक्ष के इशारे पर युवकों को उठाकर उनसे माफीनामा बनवाना? चर्चा इस बात की भी है कि क्या उन युवकों के वीडियो से कोई सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा होने का खतरा था, जो पुलिस ने इतनी तत्परता दिखाई।
फिलहाल इस मामले में पुलिस या उच्चाधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। लेकिन खाकी की मौजूदगी में युवकों को डरा-धमकाकर बनवाए गए इस माफीनामे के वीडियो ने स्थानीय निवासियों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है। लोग अब इस मामले में निष्पक्ष जांच और सत्ता के दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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