सादगी की मिसाल: बिना शोर-शराबे के शादी के बंधन में बंधे दो IAS अधिकारी, चर्चा में है 'सिंपल वेडिंग'
अलवर। राजस्थान में अलवर के मिनि सचिवालय में वर्ष 2023 आईएस बैच भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी (आईएएस) माधव भारद्वाज और अदिति वासने बुधवार को शादी के पवित्र बंधन में बंध गये। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस दौरान न तो बैंड बाजा था न ढोल नगाड़े और न ही कोई शोर शराबा रहा। सादगी से दोनों ने जिला कलेक्टर अर्पिता शुक्ला के सामने अपनी शादी पंजीकृत करवाई। इस दौरान केवल दोनों के माता-पिता और भाई-बहन मौजूद थे। आईएएस माधव भारद्वाज अलवर में उपखंड अधिकारी (एसडीएम) के पद पर कार्यरत हैं।
ये भी पढ़ें यूपी में फिर बदलेगा मौसम! 17-18 फरवरी को बारिश के आसार, बांदा बना प्रदेश का सबसे गर्म जिलातो उनकी आईएएस पत्नी अदिति गुजरात के जामनगर में एसडीएम पद पर पदस्थ हैं।
बुधवार को अलवर के मिनी सचिवालय में दोनों आईएएस अधिकारियों की शादी चर्चा का विषय बन गई। मसूरी के रहने वाले माधव भारद्वाज अलवर में एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं। तो उनकी पत्नी अदिति वासने मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली की हैं। उनके पिता व्यापारी हैं और वे तीन बहन भाई है। माधव और अदिति ने बताया कि दोनों की मुलाकात आईएएस ट्रेनिंग के दौरान हुई थी। मुलाकात प्यार में बदली तो दोनों ने शादी करने का फैसला लिया।
दोनों आईएएस अधिकारियों ने परिवार की सहमति के बाद बुधवार को अलवर जिला कलेक्टर अर्पिता शुक्ल के सामने अपनी शादी पंजीकृत रजिस्टर्ड करवाई। इस दौरान मिनी सचिवालय के अधिकारी मौजूद रहे।
माधव एवं अदिति ने बताया कि वे लोग एक अच्छा सा मुहूर्त देखकर एक मंदिर में हिंदू रीति रिवाज से भी शादी की सभी रस्में करेंगे, लेकिन वह कार्यक्रम भी बिना किसी शोर शराबे एवं दिखावे के होगा। कार्यक्रमों में केवल परिवार के लोग शामिल होंगे। क्योंकि हिंदू धर्म में बिना अग्नि के फेरे लिए और बिना रीति रिवाज के शादी को पूर्ण नहीं माना जाता है। इसलिए दोनों ने आगामी अच्छे मुहूर्त पर परिवार की मौजूदगी में मंदिर में शादी करने का फैसला लिया है।
दोनों आईएएस बैच के टॉपर रहे हैं और पहले ही प्रयास में आईएएस बने। माधवपुर राजस्थान केडर जबकि अदिति को गुजरात केडर मिला। उनकी शादी से परिवार के लोग खुश हैं। उनकी शादी ने समाज में एक मिसाल कायम की है।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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