चंपावत में मुख्यमंत्री धामी ने किया खड़ी होली महोत्सव का शुभारम्भ, संस्कृति संरक्षण का दोहराया संकल्प
लोककला का संवर्धन: स्थानीय कलाकारों को मंच और सांस्कृतिक धरोहर को नई ऊर्जा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध
चंपावत। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत में आयोजित 'खड़ी होली महोत्सव' का वर्चुअल माध्यम से विधिवत शुभारम्भ किया। कलश संगीत कला समिति द्वारा आयोजित इस भव्य महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने के प्रति अपनी सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।
सामाजिक समरसता का प्रतीक है होली
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कुमाऊँ अंचल की खड़ी और बैठकी होली मात्र एक उत्सव नहीं, बल्कि यह हमारे पारंपरिक लोकसंगीत और सामाजिक सद्भाव की सजीव अभिव्यक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीढ़ियों से चली आ रही यह परंपरा हमारी सांस्कृतिक चेतना और सामूहिक एकता को अटूट बनाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, होली के पारंपरिक गीत और वाद्ययंत्र लोगों को उनकी जड़ों से जोड़ते हैं।
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार लोककला, लोकभाषा और लोकसंस्कृति के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आयोजित होने वाले मेलों और महोत्सवों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को एक सशक्त मंच प्रदान किया जा रहा है, जिससे न केवल हमारी विरासत सशक्त हो रही है, बल्कि कलाकारों को भी अपनी पहचान बनाने के नए अवसर मिल रहे हैं।
सांस्कृतिक चेतना का नया अध्याय
आयोजकों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि कलश संगीत कला समिति का यह प्रयास क्षेत्र की सांस्कृतिक समृद्धि को संरक्षित रखने में मील का पत्थर साबित होगा। इस वर्चुअल उद्घाटन के दौरान चंपावत में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, जनप्रतिनिधि और लोक कलाकार मौजूद रहे, जिन्होंने पारंपरिक वाद्ययंत्रों और गायन के साथ महोत्सव का हर्षोल्लास के साथ स्वागत किया।
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लेखक के बारे में
ओ.पी. पाल पिछले साढ़े तीन दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय एक प्रतिष्ठित नाम हैं। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त (P.I.B. Accredited) वरिष्ठ पत्रकार श्री पाल ने लंबे समय तक लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही के साथ-साथ गृह, रक्षा और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की नेशनल ब्यूरो स्तर पर रिपोर्टिंग की है।
अमर उजाला और दैनिक जागरण से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले श्री पाल ने 'शाह टाइम्स' में न्यूज़ एडिटर और 'हरिभूमि' (दिल्ली) में वरिष्ठ संवाददाता के रूप में लंबी सेवाएं दी हैं। राजनीति विज्ञान और कृषि के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ वे 'साहित्य रत्न' से भी विभूषित हैं। वर्तमान में वे एक स्वतंत्र पत्रकार और स्तंभकार के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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